
पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री के रूप में सुवेन्दु अधिकारी के शपथ लेते ही राज्य में एक नए युग की शुरूआत हो गई. राजनीतिक में 9 मई 2023 की तारीख और शनिवार का दिन हमेशा के लिए इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया. 2 बीजेपी कार्यकर्ताओं और पीए की मौत से जुड़ी दुखद खबर के बीच आखिरकार सुवेन्दु अधिकारी को राज्य की गद्दी का भार सौंप दिया गया. राज्य का ब्रिगेड परेड ग्राउंड भारतीय जनता पार्टी के भगवा रंग और जयश्रीराम के नारों कीगूंज का साक्षी बना.
पीएम नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में राज्यपाल आर.एन. रवि ने सुवेन्दु अधिकारी को बतौर मुख्यमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. सुवेन्दु अधिकारी के साथ ही उनके मंत्री मंडल में शामिल हुए सभी चेहरों को भी शपथ ग्रहण कराई गई।
शपथ लेने के बाद सुवेन्दु अधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि यह जीत बंगाल की जनता की जीत है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार कानून व्यवस्था सुधारने, निवेश बढ़ाने, बेरोजगारी कम करने और भ्रष्टाचार पर कार्रवाई को प्राथमिकता देगी। उन्होंने संदेशखाली मामले की निष्पक्ष जांच कराने का भी भरोसा दिया।
पश्चिम बगांल में पिछले वर्ष हुए विधानसभा चुनाव के बाद विधानसभा चुनाव 2026 ने भी इतिहास में हिंसक घटनाओं को दोहराया. अक्सर ऐसी घटनाएं राज्य को अस्थिर कर देती हैं और इसका असर पीढ़ियों तक रहता है, हालांकि सुवेन्दु अधिकारी ने बतौर सीएम बंगाल को नए और खुशहाल पथ पर ले जाने का वादा किया है।
परेड ग्राउंड और राज्य के संवेदनशील इलाकों में भारी संख्या में फोर्स तैनात रहा ताकि किसी भी तरह की हिंसक घटनाओं को अंजाम न दिया जा सके और अराजक तत्वों की सक्रियता पर विराम लगाया जा सके. कड़ी सुरक्षा के बीच यह शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हुआ. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्तिथि ने बीजेपी कार्यकर्ताओं में और उत्साह भर दिया.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन में बंगाल को विकास के पथ पर ले जाने का भरोसा दिलाया. उन्होने कहा कि बंगाल विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है. गृहमंत्री और बंगाल में पर्यवेक्षक के तौर पर उपस्थित अमित शाह ने कहा कि सीमा, सुरक्षा, घुसपैठ और कानून व्यवस्था को लेकर उनकी नीति जीरो टोलरेंस की ही रहेगी.
वहीं इसके विपरीत ममता बनर्जी और टीएमसी नेताओं ने राज्य में हुए पूरे घटनाक्रम को लेकर सवाल खड़े किए हैं. टीएमसी नेताओं का कहना है कि जनता के जनादेश की गलत व्याख्या की जा रही है हालांकि भाजपा के नेताओं ने इस पर अपनी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है और सत्ता परिवर्तन को एक एतिहासिक बदलाव बताया है.
जानकारी के मुताबिक वर्तमान सरकार जल्द ही अपनी पहली कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले ले सकती है. खासकर कानून व्यवस्था, उद्योग नीति, महिला सुरक्षा और रोज़गार जैसे मुद्दों पर कड़े फैसले लिए जाने की उम्मीद है। राजनीतिक विद्वानों का कहना है कि पश्चिम बंगाल का सत्ता परिवर्तन राष्ट्रीय राजनीति पर भी गहरा असर डाल सकता है. फिलहाल सबकी नज़र राज्य में गठित इस नई सरकार के शुरूआती 100 डेज़ पर टिकी है.
शनिवार को हुए इस शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, और केन्द्र सरकार के कई वरिष्ठ मेंत्री मौजूद रहे. इसके अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्री और मंत्री शामिल शपथ ग्रहण समारोह में शामिल रहे.