
नई दिल्ली: भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पांच देशों की यात्रा पर रवाना हुए. इस दौरे को भारत की कूटनीतिक रणनीति के तौर पर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. पीएम मोदी संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉरवे और इटली की यात्रा करेंगे.
ऐसा माना जा रहा है कि इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों और शीर्ष नेताओं के साथ बैठकें करेंगे जिसमें व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, तकनीक, जलवायु परिवर्तन और वैश्विक सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है. साथ ही कई महत्वपूर्ण समझौतों पर भी हस्ताक्षर किये जा सकते हैं.
वर्तमान में भारत की वैश्विक स्थिति काफी मज़बूत हुई है. कई देशों के साथ व्यापारिक संबंध मज़बूत हुए हैं जिनमें से संयुक्त अरब अमीरात एक है. यूएई के साथ भारत के व्यापारिक और ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ा है, वहीं तकनीक, ग्रीन एनर्जी और रक्षा क्षेत्र में साझेदारी को लेकर यूरोपीय देशों के साथ हुई बातचीत काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
मीडिया के जानकारों का कहना है कि वर्तमान में दुनिया के कई देश भू-राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं ऐसे में पीएम मोदी का भारत की वैश्विक स्थिति और भूमिका को मज़बूत करने की एक बेहतर कोशिश है. रूस-यूक्रेन संघर्ष, पश्चिम एशिया तनाव और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच भारत अपनी रणनीतिक स्थिति को और बेहतर करने की कोशिश कर रहा है।
प्रधानमंत्री के इस दौरे पर देश और दुनिया की नजर बनी हुई है। उम्मीद की जा रही है कि यह यात्रा भारत के लिए आर्थिक और कूटनीतिक दोनों मोर्चों पर बड़े अवसर लेकर आ सकती है जो कि वैश्विक तौर पर भारत की साख को और मज़बूत करेगा.