
पसगवां (लखीमपुर खीरी)।जनपद लखीमपुर खीरी के जंगबहादुरगंज में संचालित इंडियन बैंक की शाखा पर छोटे खाताधारकों के खाते बिना किसी ठोस कारण के बंद किए जाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के खाताधारकों का कहना है कि बैंक कर्मचारियों द्वारा आए दिन केवाईसी अपडेट या कथित गलत लेनदेन का हवाला देकर खातों पर होल्ड लगा दी जाती है, जिससे गरीब और छोटे खातेदारों को अपने ही पैसे निकालने के लिए बार-बार बैंक के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
ग्रामीणों के अनुसार यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। कई बार बिना किसी साइबर फ्रॉड या वैध शिकायत के ही खाते बंद कर दिए जाते हैं। इससे सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को होती है, जिनकी रोजमर्रा की जरूरतें इन्हीं खातों से पूरी होती हैं। अचानक खाता बंद होने पर न तो वे भुगतान कर पाते हैं और न ही आपात स्थिति में पैसे निकाल पाते हैं।
मामले को लेकर अमित सक्सेना ने प्रधानमंत्री कार्यालय और बैंकिंग लोकपाल में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले उनका खाता अचानक बंद कर दिया गया। जब वह पेट्रोल पंप पर भुगतान करने पहुंचे तो खाते से पैसा नहीं निकला। बैंक मैनेजर से जानकारी लेने पर कहा गया कि खाते में गलत तरीके से पैसे आए हैं और केवाईसी करानी होगी। केवाईसी कराने के बावजूद खाता चालू नहीं किया गया और बाद में यह कहकर टाल दिया गया कि खाते पर होल्ड लग गई है, जबकि न तो खाते में कोई संदिग्ध राशि आई थी और न ही किसी प्रकार की शिकायत दर्ज थी।
ग्रामीणों का आरोप है कि खाताधारकों को जानबूझकर बैंक के चक्कर लगवाए जाते हैं और कुछ मामलों में रिश्वत देने का दबाव भी बनाया जाता है। इससे गरीब खातेदार मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि यदि किसी खाताधारक को इलाज जैसी आपात स्थिति में पैसों की जरूरत पड़े और उसी समय बैंक द्वारा खाता बंद कर दिया जाए तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। लोगों ने बैंक प्रशासन और उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई और खाताधारकों को राहत देने की मांग की है।