
रिपोर्ट : विनोद शुक्ला
जरवलरोड, बहराइच। घाघरा नदी पर स्थित संजय सेतु की जर्जर होती स्थिति को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में प्रस्तावित डबल लेन पीपा पुल का संशोधित प्रस्ताव लोक निर्माण विभाग ने पुनः शासन को प्रेषित कर दिया है। पूर्व में 8.96 करोड़ रुपये की लागत से तैयार प्रस्ताव पर आपत्तियां आने के बाद विभाग ने 72 लाख रुपये की कटौती करते हुए नया प्रस्ताव लगभग 8.24 करोड़ रुपये का भेजा है।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अवर अभियंता अनंत मौय के अनुसार संशोधित एस्टीमेट में लागत घटाए जाने से स्वीकृति की संभावना बढ़ गई है। शासन से मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। विभागीय आकलन के मुताबिक पीपा पुल का निर्माण लगभग एक माह में पूरा किया जा सकता है।
गौरतलब है कि संजय सेतु करीब 1200 मीटर लंबा और लगभग 42 वर्ष पुराना है। सेतु के कई जोड़ों में क्षति के कारण मरम्मत कार्य आवश्यक हो गया है। मरम्मत अवधि में यातायात प्रभावित न हो, इसके लिए डबल लेन पीपा पुल की योजना तैयार की गई है। निर्माण के लिए आवश्यक पीपे प्रयागराज से मंगाए जाएंगे।
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से शीघ्र स्वीकृति प्रदान कर निर्माण कार्य प्रारंभ कराने की मांग की है, ताकि आवागमन सुचारु रूप से जारी रह सके और किसी भी आकस्मिक स्थिति से बचाव सुनिश्चित हो सके।
मुख्य बिंदु:
डबल लेन पीपा पुल का संशोधित प्रस्ताव शासन को प्रेषित।
कुल लागत 8.96 करोड़ से घटाकर लगभग 8.24 करोड़ रुपये।
72 लाख रुपये की लागत में कटौती।
निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा कराया जाएगा।
स्वीकृति के बाद लगभग एक माह में निर्माण संभव।
1200 मीटर लंबा, 42 वर्ष पुराना संजय सेतु।
मरम्मत अवधि में यातायात सुचारु रखने हेतु वैकल्पिक व्यवस्था।
स्थानीय स्तर पर शीघ्र निर्णय की मांग तेज।