बिना बताये ‘प्रीपेड’ का झटका: स्मार्ट मीटर पर बिजली कंपनियों को नोटिस

लखनऊ। स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर प्रदेश में बढ़ती शिकायतों के बीच विद्युत कंपनियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद की याचिका पर उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने सभी संबंधित कंपनियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
आयोग ने कंपनियों के प्रबंध निदेशकों को 15 दिन के भीतर विस्तृत जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही 1 फरवरी से 20 मार्च 2026 के बीच उपभोक्ताओं द्वारा किए गए मुआवजा दावों का पूरा विवरण भी मांगा गया है।
मामले की गंभीरता इस बात से समझी जा सकती है कि प्रदेश में अब तक 74.48 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनमें से करीब 69.64 लाख मीटर बिना पूर्व सूचना के प्रीपेड मोड में बदल दिए गए। इससे बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को अचानक असुविधा का सामना करना पड़ा।
13 से 18 मार्च के विशेष अभियान के दौरान स्थिति और बिगड़ गई, जब 5.79 लाख उपभोक्ताओं के मीटर नेगेटिव बैलेंस में चले जाने के कारण स्वतः डिस्कनेक्ट हो गए। कई मामलों में रिचार्ज करने के बाद भी उपभोक्ताओं को घंटों तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी।
उपभोक्ता परिषद ने इसे नियमों का उल्लंघन बताते हुए आयोग से हस्तक्षेप की मांग की थी। अब आयोग के नोटिस के बाद बिजली कंपनियों को अपनी कार्यप्रणाली पर जवाब देना होगा।
माना जा रहा है कि इस पूरे मामले में आयोग सख्त रुख अपना सकता है, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।