लखनऊ। राजधानी में मण्डलीय सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को आयुक्त सभागार में कमिश्नर विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य मण्डल में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना, यातायात प्रबंधन को मजबूत बनाना और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना रहा। बैठक में प्रशासन, पुलिस, परिवहन, लोक निर्माण, एनएचएआई, स्वास्थ्य एवं नगर निगम सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक की शुरुआत में मण्डलायुक्त ने पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुपालन की समीक्षा की। समीक्षा में कई बिंदुओं पर प्रगति संतोषजनक पाई गई, लेकिन कुछ मामलों में कार्यवाही लंबित रहने पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी लंबित प्रकरणों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर लेते हुए तय समयसीमा में पूरा किया जाए, अन्यथा जिम्मेदारी तय की जाएगी।
31 मार्च तक पूरी हों दुर्घटना जांच, पारदर्शिता पर जोर
उत्तर प्रदेश सड़क दुर्घटना जांच योजना 2023 के तहत मामलों की समीक्षा करते हुए यह सामने आया कि कई जांच अभी लंबित हैं। मण्डलायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी लंबित जांचों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए और उनकी गुणवत्ता व पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने 31 मार्च 2026 तक सभी प्रकरणों को अनिवार्य रूप से पूर्ण करने का सख्त निर्देश दिया।
दुर्घटनाओं के आंकड़ों की समीक्षा, ब्लैक स्पॉट चिन्हित करने के निर्देश
वर्ष 2025 और 2026 के तुलनात्मक आंकड़ों की समीक्षा में कुछ जिलों में दुर्घटनाओं में वृद्धि जबकि कुछ में कमी दर्ज की गई। इस पर मण्डलायुक्त ने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट्स) की पहचान कर तत्काल सुधार कराने और वैज्ञानिक विश्लेषण के आधार पर स्थायी समाधान लागू करने के निर्देश दिए।
एक्सप्रेस-वे का सुरक्षा ऑडिट और ओवरलोड वाहनों पर सख्ती
बैठक में सभी एक्सप्रेस-वे और प्रमुख मार्गों का नियमित सुरक्षा ऑडिट कराने पर जोर दिया गया। साथ ही ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सख्त अभियान चलाने के निर्देश दिए गए, ताकि सड़क क्षति और दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। गंभीर सड़क दुर्घटनाओं की समयबद्ध और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। घायलों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर देते हुए मण्डलायुक्त ने कैशलेस उपचार योजना का लाभ सभी पात्र लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
जन-जागरूकता अभियान और 2026 की योजनाओं की समीक्षा
सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाने और यातायात नियमों के पालन को सख्ती से लागू करने पर भी बल दिया गया। वर्ष 2026 के प्रस्तावित अभियानों और योजनाओं की समीक्षा करते हुए विभागों को आपसी समन्वय के साथ प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए।
स्कूली वाहनों की 1 से 15 अप्रैल तक विशेष जांच
छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 तक सभी स्कूली वाहनों की व्यापक जांच अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। इस दौरान वाहनों की फिटनेस, सुरक्षा मानकों और परिवहन नियमों के अनुपालन की जांच की जाएगी। मानकों पर खरे न उतरने वाले वाहनों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही सभी विद्यालयों में परिवहन सुरक्षा समितियों को सक्रिय करने और उनकी नियमित बैठकें सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि परिवहन व्यवस्था की लगातार निगरानी हो सके।
अवैध पार्किंग और अतिक्रमण पर चलेगा अभियान
हाइवे और प्रमुख सड़कों पर अवैध पार्किंग और अतिक्रमण को गंभीर समस्या मानते हुए इसके खिलाफ सघन अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। संबंधित विभागों को ऐसे स्थानों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया, जिससे यातायात सुचारु हो सके और दुर्घटनाएं कम हों।
हिट एंड रन मामलों में हरदोई सबसे पीछे, अधिकारियों को फटकार
हिट एंड रन योजना की समीक्षा में पाया गया कि सबसे अधिक 76 लंबित मामले हरदोई जनपद में हैं। इस पर मण्डलायुक्त ने नाराजगी जताते हुए क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी को सभी मामलों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को समयबद्ध तरीके से राहत और सहायता मिलनी चाहिए।
समन्वय से ही संभव होगा सड़क सुरक्षा लक्ष्य हासिल करना
बैठक के अंत में मण्डलायुक्त ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनपद में जिला सड़क सुरक्षा समिति की नियमित बैठकें हों और उनके निर्णयों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित किया जाए, तभी सड़क सुरक्षा के लक्ष्यों को प्रभावी रूप से हासिल किया जा सकेगा।