
लखनऊ। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में बुधवार को एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान बेसिक लाइफ सपोर्ट को आम लोगों तक सुलभ बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया। इस अवसर पर सुनील यादव द्वारा लिखित पुस्तक “साथी हाथ बढ़ाना” को औपचारिक रूप से जनता को समर्पित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ विनोद कुमार बिंद, सदस्य, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संबंधी स्थायी समिति, भारत सरकार एवं लोकसभा सांसद ने पुस्तक का लोकार्पण किया और इस पहल को जनहित में अत्यंत उपयोगी बताया।
इस खास मौके पर डॉ विनोद कुमार बिंद ने कहा कि हर व्यक्ति के लिए बेसिक लाइफ सपोर्ट की सही जानकारी होना बेहद जरूरी है, क्योंकि आपातकालीन परिस्थितियों में यह ज्ञान किसी की जान बचाने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। उन्होंने बताया कि यह पुस्तक न केवल स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों के लिए बल्कि आम नागरिकों के लिए भी समान रूप से उपयोगी है। उन्होंने विशेष रूप से उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे हिंदीभाषी राज्यों में इस तरह की सरल और समझने योग्य सामग्री की आवश्यकता पर जोर देते हुए इसे एक सराहनीय प्रयास बताया। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि आने वाले संस्करणों को और अधिक सरल एवं व्यापक बनाया जाए ताकि इसकी पहुंच और प्रभाव दोनों बढ़ सकें।
आपातकालीन स्थिति में मदद के लिए रहें तैयार
पुस्तक के तकनीकी समीक्षक और एम्स के एडिशनल प्रोफेसर डॉ हरलोकेश यादव ने भी इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि पुस्तक में जीवनरक्षक तकनीकों को बेहद सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है, जिससे आम लोग भी इसे आसानी से समझ सकें। उन्होंने सुझाव दिया कि इस पुस्तक को विद्यालयों, महाविद्यालयों, जिम, प्रशिक्षण संस्थानों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोग इस महत्वपूर्ण जानकारी का लाभ उठा सकें और आपातकालीन स्थिति में मदद के लिए तैयार रहें।
आकस्मिक परिस्थितियों में समय का विशेष महत्व
पुस्तक के लेखक सुनील यादव ने बताया कि “साथी हाथ बढ़ाना” को द्विभाषी (हिंदी-अंग्रेजी) स्वरूप में तैयार किया गया है, जिससे विभिन्न पृष्ठभूमि के लोगों के लिए इसे समझना आसान हो सके। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक समाज में आपातकालीन स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और “हर हाथ मदद के लिए तैयार हो” के उद्देश्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि आकस्मिक परिस्थितियों में समय का विशेष महत्व होता है, ऐसे में यदि हर परिवार तक यह ज्ञान पहुंचे तो कई अनमोल जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।
सभी ने पहल की सराहना
इस कार्यक्रम में एम्स के विभिन्न विभागों के प्रोफेसरों और अन्य प्रमुख व्यक्तियों ने भाग लिया और इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनहित में एक क्रांतिकारी कदम बताया। आयोजकों के अनुसार, आने वाले समय में इस पुस्तक का विमोचन देश के विभिन्न राज्यों और प्रमुख संस्थानों में भी किया जाएगा, जिससे इसकी पहुंच और प्रभाव को और अधिक व्यापक बनाया जा सके।