लखनऊ। उत्तर प्रदेश में न्यूरोलॉजिकल उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज करते हुए लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में पहली बार डीप ब्रेन स्टिमुलेशन सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। यह जटिल और अत्याधुनिक सर्जरी 27 मार्च 2026 को एक 50 वर्षीय महिला मरीज पर की गई, जो पिछले 25 वर्षों से पार्किंसंस रोग से पीड़ित थीं। लंबे समय से दवाइयों पर निर्भर रहने के बावजूद मरीज को गंभीर मोटर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था, जिससे उनकी जीवन गुणवत्ता प्रभावित हो रही थी। ऐसे में इस उन्नत सर्जरी के माध्यम से उनके जीवन में सुधार की नई उम्मीद जगी है।
चिकित्सा सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम: कुलपति
केजीएमयू की कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने इस उपलब्धि पर पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता प्रदेश में उन्नत चिकित्सा सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि इस तरह की आधुनिक सर्जरी से पार्किंसंस रोग से ग्रसित मरीजों को बेहतर और प्रभावी उपचार उपलब्ध हो सकेगा, जिससे उनके जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार संभव है।
इनका रहा विशेष योगदान
इस सर्जरी को न्यूरोलॉजी और न्यूरोसर्जरी विभागों के संयुक्त प्रयास से अंजाम दिया गया। इसमें NIMHANS के विशेषज्ञ डॉ. द्वारकानाथ श्रीनिवास (प्रोफेसर, न्यूरोसर्जरी) और डॉ. विक्रम होला (अतिरिक्त प्रोफेसर, न्यूरोलॉजी) का विशेष योगदान रहा।
वहीं केजीएमयू की टीम में डॉ. बी.के. ओझा, डॉ. राजेश वर्मा, डॉ. हरदीप सिंह मल्होत्रा, डॉ. अनिल चन्द्रा, डॉ. सोमिल जायसवाल, डॉ. श्वेता पांडेय, डॉ. नीरज कुमार, डॉ. सौरभ कुमार, डॉ. मनीष जायसवाल, डॉ. अंकुर बजाज, डॉ. अवधेश यादव और डॉ. हनुमान प्रजापति शामिल रहे।