
लखनऊ। लखनऊ में उत्तर प्रदेश विद्युत संविदा कर्मचारी महासंघ की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रदेश भर के संविदा कर्मियों के भविष्य को लेकर बड़ा निर्णय लिया गया। महासंघ के अध्यक्ष वरिष्ठ मजदूर नेता आरएस राय की अध्यक्षता में नरही स्थित केंद्रीय कार्यालय में हुई इस बैठक में महासंघ से जुड़े छह घटक संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी शामिल हुए।
बैठक में ऊर्जा निगमों में कार्यरत लगभग 78 हजार संविदा कर्मियों को राज्य सरकार द्वारा गठित आउटसोर्स निगम में शामिल किए जाने की मांग को लेकर चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया। महासंघ ने इस संबंध में ऊर्जा मंत्री एके शर्मा को औपचारिक नोटिस भेजते हुए मांग की है कि संविदा कर्मियों को सम्मानजनक वेतन, सामाजिक सुरक्षा और सेवा स्थिरता प्रदान करने के लिए उन्हें आउटसोर्स निगम में शामिल किया जाए।
क्या है महासंघ की मांग
विद्युत संविदा कर्मचारी महासंघ के प्रभारी पुनीत राय ने कहा कि यदि संविदा कर्मियों को आउटसोर्स निगम से बाहर रखा गया, तो वे सीधे वेतन भुगतान और ईपीएफ जैसी सुविधाओं से वंचित रह जाएंगे। साथ ही ठेकेदारों द्वारा शोषण की स्थिति बनी रहेगी और सेवा सुरक्षा, स्पष्ट सेवा नियमावली जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल पाएंगी। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि वर्तमान की तरह मनमानी छंटनी का सिलसिला जारी रहेगा।
महासंघ ने सरकार को दी चेतावनी
उत्तर प्रदेश विद्युत संविदा कर्मचारी महासंघ ने सरकार को चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर समय रहते निर्णय नहीं लिया गया, तो 21 अप्रैल 2026 को प्रदेश के प्रत्येक जनपद में एक दिवसीय सत्याग्रह किया जाएगा। इसके बाद 7 मई 2026 को एक दिन का कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
महासंघ के मीडिया प्रभारी एवं विद्युत मजदूर संगठन के प्रदेश अध्यक्ष विमल चंद्र पांडेय ने बताया कि यदि इन कदमों के बाद भी सरकार ने मांगें नहीं मानीं, तो प्रदेश के सभी जनपदों में अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया जाएगा, जो संविदा कर्मियों को आउटसोर्स निगम में शामिल किए जाने तक जारी रहेगा।
बड़ी संख्या में पदाधिकारी हुए शामिल
बैठक में भोला सिंह कुशवाहा, मोहम्मद कासिफ, मुदस्सिर राजा, भूपेंद्र सिंह, आशीष कुमार, रविंद्र पटेल, राजू अंबेडकर, प्रियांशु सिंह, विनोद श्रीवास्तव, सोहन मौर्य, धनंजय राजभर, प्रमोद कुमार, अमित कुमार भीष्म, संदीप कुमार सिंह, मो. हाशन, राहुल भाटी, अमित खारी, विनोद कुमार, गुलशन चौधरी और अन्य पदाधिकारियों ने भाग लिया।