धार्मिक-सांस्कृतिक विरासतों के सौन्दर्यीकरण के लिए 570 नई परियोजनाएं को मिली मंजूरी, रोजगार के अवसर होंगे सृजित

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा प्रदेश के लगभग सभी मण्डलों के अंतर्गत आने वाले जनपदों के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में पर्यटन विकास की 570 नवीन परियोजनाओं की स्वीकृति प्रदान करते हुए 68780.28 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त की गई है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि आगरा के विभिन्न विधानसभाओं में स्थित मंदिरों आदि के लिए धनराशि अवमुक्त की गई है, जिसके तहत आगरा ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में स्थित कैला माता मंदिर, फतेहपुर सीकरी के शीतलाकुण्ड धाम मंदिर, फतेहाबाद के शती माता मंदिर, खैरागढ़ में स्थित बाबा दीनदयाल मंदिर, आनंदी भैरो मऊ स्थित नाथ संप्रदाय के प्राचीन मंदिर के पर्यटन विकास के लिए क्रमश 01-01 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृति की गई है।

इसी प्रकार आगरा कैण्ट स्थित पर्यटन कार्यालय के पुराने भवन के जीर्णोद्धार कार्य के लिए 1 करोड़ 50 लाख रुपये, आगरा उत्तर गुरू का ताल गुरूद्वारा का पर्यटन विकास के लिए 02 करोड़ रुपये, बाह विधान सभा क्षेत्र स्थित बटेश्वर धाम में घाट विकास कार्य हेतु 19 करोड़। इसी विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत स्थित बटेश्वर धाम में दो प्रवेश द्वारों के निर्माण हेतु 5 करोड़ रुपये।

1 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृति

इसी विधान सभा क्षेत्र में रपड़ी इको-टुरिज्म क्षेत्र में साइनेज के कार्य हेतु 1 करोड़ रुपये तथा बाह में ही स्थित अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्मस्थली के पर्यटन विकास हेतु 2 करोड़ रुपये तथा एत्मादपुर विधानसभा क्षेत्र स्थित 2 परियोजनाओं के लिए जैसे आदिनाथ भरत बाहुबली त्रिमुर्ति जैन मंदिर। एत्मादपुर के पर्यटन अवस्थापना सुविधाओं के लिए 1 करोड़ तथा इसी विधानसभा क्षेत्र में स्थित छत्रपति शिवाजी महराज संग्रहालय की परियोजना हेतु 1 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृति की गई है।

स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर होंगे सृजित

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में पूरे प्रदेश के जनपदों में प्राचीन स्थलों में अवथापना सुविधाओं के विकास पर अधिक से अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए विकास परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इससे युवा पीढ़ी को अपनी विरासत से जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।