17 सूत्रीय मांगों को लेकर लेखपाल संघ का ज्ञापन, 21 अप्रैल तक कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी

किरावली। Lekhpal Sangh ने अपनी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर तहसीलदार दीपांकर को ज्ञापन सौंपते हुए समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि 21 अप्रैल तक मांगें पूरी नहीं की गईं तो लेखपाल अतिरिक्त क्षेत्रों का चार्ज वापस कर देंगे।ज्ञापन के माध्यम से लेखपालों ने अवगत कराया कि तहसील परिसर में महिला लेखपालों के लिए शौचालय की समुचित व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा 2024 बैच के चयनित लेखपालों के एमपीएफ खाते अब तक नहीं खोले गए हैं। बैठने के लिए लेखपाल कक्ष, पेयजल और सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव बना हुआ है।लेखपालों ने बताया कि चिकित्सा प्रतिपूर्ति की फाइलें लंबे समय से लंबित हैं और उनका भुगतान नहीं किया गया है। वर्ष 2018 से 2026 तक की क्रॉप कटिंग के मानदेय का ब्याज सहित भुगतान कराने की मांग भी उठाई गई है। इसके साथ ही वर्ष 2025-26 के अलाव मद की धनराशि का भुगतान, सेवा पुस्तिका में वार्षिक प्रविष्टियां पूर्ण कराने और महंगाई भत्ता देने की मांग भी प्रमुख रूप से रखी गई है।संघ ने यह भी मांग की है कि लेखपालों के खिलाफ आने वाली शिकायतों की जांच नायब तहसीलदार स्तर के अधिकारी से कराई जाए। साथ ही फार्मर रजिस्ट्री और राजस्व अभिलेखों में संशोधन से जुड़े कार्य लेखपाल की रिपोर्ट के आधार पर ही किए जाएं।लेखपाल संघ ने कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा तक समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो सभी लेखपाल अतिरिक्त कार्यभार छोड़ देंगे, जिससे राजस्व कार्य प्रभावित हो सकता है।ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह, तहसील अध्यक्ष धीरेन्द्र सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सौरभ पचौरी, मंत्री मनोज रावत, उप मंत्री धर्मेंद्र रावत सहित अन्य कई लेखपाल मौजूद रहे।