
लखनऊ। लखनऊ के गोसाईगंज थाना क्षेत्र में ट्रक चालक को फर्जी कॉल के जरिए गुमराह कर प्लास्टर ऑफ पेरिस से भरा ट्रक उतरवाने वाले तीन शातिर अभियुक्तों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से 1180 बोरी पीओपी, घटना में शामिल दो मोटरसाइकिलें और चार मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई थाना गोसाईगंज पुलिस और जोन दक्षिणी की सर्विलांस टीम द्वारा संयुक्त रूप से की गई।
मिली जानकारी के मुताबिक 4 अप्रैल 2026 को ट्रक चालक बलराज सिंह, निवासी जिला मनसा (पंजाब), राजस्थान के दंतौर से पीओपी बोरियां लादकर बाराबंकी ले जा रहा थे। इसी दौरान गोसाईगंज क्षेत्र में एक अज्ञात व्यक्ति ने खुद को फर्म का मालिक बताते हुए फोन किया और चालक को निर्देश दिया कि माल बाराबंकी की बजाय गोसाईगंज में ही उतार दिया जाए।
कुछ ही देर बाद दूसरे नंबर से कॉल कर खुद को मुंशी बताते हुए आरोपी ने भरोसा दिलाया कि वह माल उतरवाने आ रहा है। थोड़ी देर में तीन व्यक्ति डाला और ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर पहुंचे और चालक को विश्वास में लेकर पूरा माल उतरवा लिया। इसके बाद पीओपी की सभी बोरियां ग्राम कबीरपुर स्थित एक किराए के कमरे में रखवा दी गईं, जबकि ट्रक चालक वापस राजस्थान लौट गया।
फर्म तक नहीं पहुंचा माल, खुली धोखाधड़ी की परतें
जब माल भेजने वाली कंपनी ने बाराबंकी स्थित फर्म से संपर्क किया तो पता चला कि माल वहां पहुंचा ही नहीं है। ट्रक चालक से पूछताछ में उसने बताया कि उसने फर्म मालिक के कहने पर गोसाईगंज में माल उतार दिया और उसे एक प्राप्ति रसीद भी दी गई थी। मामला संदिग्ध लगने पर संबंधित नंबरों पर संपर्क किया गया, लेकिन सभी नंबर बंद मिले। इसके बाद चालक को धोखाधड़ी का एहसास हुआ और उसने 14 अप्रैल 2026 को गोसाईगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया।
200 से ज्यादा सीसीटीवी खंगालकर पुलिस ने पकड़े आरोपी
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारी सारिका चौधरी (प्रशिक्षु आईपीएस) के निर्देशन में दो टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही आसपास और लखनऊ-सुल्तानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगे 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। सर्विलांस टीम की मदद से संदिग्ध मोबाइल नंबरों को ट्रैक किया गया और तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए। लगातार प्रयासों के बाद 17 अप्रैल 2026 की शाम को तीनों आरोपियों को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के नीचे बेली अंडरपास के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।
ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी सड़क किनारे खड़े वाहनों पर लिखे मोबाइल नंबरों पर कॉल कर खुद को संबंधित फर्म का मालिक या कर्मचारी बताते थे। इसके बाद चालक को झांसे में लेकर माल को तय गंतव्य से पहले ही किसी अन्य स्थान पर उतरवा लेते थे। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ आवश्यक वैधानिक कार्रवाई कर उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा।