
लखनऊ। भारतीय सेना की ओर से आर्मी ट्रेनिंग कमान के तत्वावधान में सेना चिकित्सा कोर (एएमसी) केंद्र एवं कॉलेज, लखनऊ और किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ के बीच एक महत्वपूर्ण सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता पेशेवर प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और ज्ञान साझा करने के क्षेत्र में सहयोग को नई मजबूती प्रदान करेगा। साथ ही ‘पूरे राष्ट्र के दृष्टिकोण’ को सशक्त बनाने की दिशा में इसे एक अहम कदम माना जा रहा है।
दोनों संस्थानों के बीच सहयोग को मिला औपचारिक स्वरूप
सेना चिकित्सा कोर केंद्र एवं कॉलेज, लखनऊ के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल शिवेंद्र सिंह ने इस अवसर पर खुशी जताते हुए कहा कि दोनों प्रतिष्ठित संस्थानों के बीच लंबे समय से चल रही साझेदारी को अब औपचारिक स्वरूप मिल गया है। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञता के आपसी आदान-प्रदान ने पिछले कई वर्षों में दोनों संगठनों को समृद्ध किया है और इस सहयोग से भविष्य में प्रशिक्षण एवं चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता को और मजबूती मिलेगी।
भारतीय सेना को अकादमिक उत्कृष्टता से सहयोग देगा केजीएमयू
केजीएमयू की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने कहा कि विश्वविद्यालय भारतीय सेना को अपनी शैक्षणिक और पेशेवर उत्कृष्टता के माध्यम से निरंतर सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि इस समझौते का उद्देश्य प्रशिक्षुओं का समग्र विकास सुनिश्चित करना तथा सैन्य और नागरिक चिकित्सा संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना है, जिससे चिकित्सा शिक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में नए अवसर विकसित होंगे।