
किरावली/आगरा। भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार एक जून को अपने गृह जनपद आगरा पहुंचेंगे और करीब 23 घंटे शहर में प्रवास करेंगे। उनका यह दौरा प्रशासनिक और पारिवारिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वह एक जून की शाम आगरा पहुंचेंगे और दो जून को दिल्ली के लिए रवाना होंगे। उनके दौरे को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं की तैयारियां तेज कर दी हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार एक जून को सड़क मार्ग से शाम करीब चार बजे आगरा पहुंचेंगे। वह शहर में रात्रि विश्राम करेंगे और दो जून को दोपहर लगभग तीन बजे दिल्ली लौटेंगे। उनके प्रवास के दौरान जेड प्लस सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू रहेगा। पुलिस, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां उनके रूट और ठहरने के स्थानों पर विशेष निगरानी रखेंगी।
ज्ञानेश कुमार का आगरा से गहरा और भावनात्मक जुड़ाव रहा है। उनका परिवार लंबे समय तक शहर के विजय नगर क्षेत्र में रहा है। उनके पिता डॉ. सुबोध कुमार गुप्ता आगरा में मुख्य चिकित्सा अधिकारी के पद पर कार्य कर चुके हैं। प्रशासनिक और शैक्षिक पृष्ठभूमि वाले इस परिवार का शहर से पुराना संबंध रहा है, जिसके चलते उनका आगमन स्थानीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
दौरे की एक विशेष चर्चा उनके पारिवारिक संबंधों को लेकर भी है। उनके दामाद मनीष बंसल वर्तमान में आगरा के जिलाधिकारी हैं। वहीं उनकी पुत्री मेधा रूपम नोएडा की जिलाधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। हाल ही में मनीष बंसल की आगरा में तैनाती के बाद यह संबंध प्रशासनिक गलियारों में भी चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
हालांकि दौरे को निजी और पारिवारिक बताया जा रहा है, लेकिन प्रशासनिक हलकों में यह भी चर्चा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्थाओं और निर्वाचन संबंधी तैयारियों को लेकर अधिकारियों से अनौपचारिक संवाद कर सकते हैं। हालांकि निर्वाचन आयोग की ओर से किसी औपचारिक बैठक की पुष्टि नहीं की गई है।
सुरक्षा एजेंसियों ने उनके दौरे को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। पुलिस, खुफिया विभाग और प्रशासनिक अधिकारी लगातार समन्वय बैठकों के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रहे हैं। प्रशासनिक गरिमा और पारिवारिक महत्व के कारण इस दौरे पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।