आलू के सस्ते दाम से किसानों की डूबी लागत, किसान नेता ने मांगा 200 रुपये कोल्ड स्टोरेज भाड़ा अनुदान


किरावली। आलू के लगातार गिरते बाजार भाव से किसानों की चिंता बढ़ गई है। उत्पादन लागत से भी कम कीमत मिलने के कारण किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर भाजपा किसान नेता मोहन सिंह चाहर ने शुक्रवार को आगरा पहुंचे उत्तर प्रदेश उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण निदेशक भानु प्रकाश राम से मुलाकात कर आलू किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
मोहन सिंह चाहर ने निदेशक को बताया कि वर्तमान में आलू का बाजार भाव मात्र 300 से 350 रुपये प्रति पैकेट चल रहा है, जबकि इसकी उत्पादन लागत लगभग 500 रुपये प्रति पैकेट आती है। ऐसे में किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और उनकी लागत तक नहीं निकल पा रही है।
उन्होंने मांग की कि किसानों को राहत देने के लिए कम से कम 200 रुपये प्रति कुंतल कोल्ड स्टोरेज भाड़ा अनुदान दिया जाए। साथ ही उत्तर प्रदेश के आलू के निर्यात की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए उद्यान विभाग शासन को प्रस्ताव भेजे। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जिले का लगभग 95 प्रतिशत आलू अभी भी कोल्ड स्टोरेज में रखा हुआ है और यदि जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो किसानों की स्थिति और खराब हो सकती है।
किसान नेता ने याद दिलाया कि 10 मार्च को आगरा में आयोजित क्रेता-विक्रेता सम्मेलन में उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने आगरा समेत प्रदेश के आलू को ओडिशा और अन्य राज्यों में भेजने की घोषणा की थी। उन्होंने उस घोषणा को जल्द अमल में लाने की मांग की।
मोहन सिंह चाहर ने कहा कि लगातार घाटे के कारण किसान कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे हैं। यदि समय रहते राहत नहीं मिली तो कई किसान गंभीर आर्थिक संकट में फंस सकते हैं।
इस पर उद्यान निदेशक भानु प्रकाश राम ने कहा कि सरकार आलू के कम दामों को लेकर गंभीर है और किसानों को राहत देने के लिए आवश्यक कदमों पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने के उद्देश्य से ही क्रेता-विक्रेता सम्मेलन आयोजित किया गया था। इस दौरान उप निदेशक उद्यान मुकेश कुमार भी मौजूद रहे।