
नई दिल्ली/अमर भारती। तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने पार्टी नेतृत्व को अपना इस्तीफा सौंपा, जिसे राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने स्वीकार कर लिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अन्नामलाई ने मंगलवार, 2 जून 2026 को नई दिल्ली में पांच पन्नों का इस्तीफा सौंपा था। इसके बाद उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की। इस घटनाक्रम को तमिलनाडु की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।
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के. अन्नामलाई साल 2021 में बीजेपी में शामिल हुए थे। शामिल होने के बाद उन्हें तुरंत तमिलनाडु बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया। उन्होंने राज्य में पार्टी की सक्रियता बढ़ाने और संगठन को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास किए। उनकी आक्रामक शैली और खुले बयानों के कारण अन्नामलाई तमिलनाडु की राजनीतिक दुनिया में काफी चर्चा में रहे।
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हालांकि, पिछले साल बीजेपी और एआईएडीएमके के बीच गठबंधन की परिस्थितियों के चलते अन्नामलाई को प्रदेश अध्यक्ष पद छोड़ना पड़ा था। उस समय उन्होंने केंद्रीय नेतृत्व के फैसले को स्वीकार किया था और राज्य में पार्टी के हित में पीछे हटे।
2026 चुनाव में भाजपा की रणनीति से निराश अन्नामलाई
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में बीजेपी का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। पार्टी ने राज्य में केवल एक सीट पर जीत हासिल की और वोट प्रतिशत अपेक्षाकृत कम बढ़ा। इस चुनावी नतीजों ने अन्नामलाई को निराश किया। सूत्रों के अनुसार, अन्नामलाई के पास पार्टी संगठन या केंद्र सरकार में सक्रिय भूमिका निभाने के विकल्प मौजूद थे, लेकिन उनकी प्राथमिकता हमेशा तमिलनाडु में राजनीतिक सक्रियता और स्थानीय संगठन को मजबूत करने की रही।
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अन्नामलाई का इस्तीफा पार्टी और राज्य राजनीति दोनों के लिए बड़ी खबर माना जा रहा है। तमिलनाडु में बीजेपी का विस्तार और संगठनात्मक मजबूती उनके नेतृत्व के दौरान काफी हद तक संभव हुई थी। उनके जाने से पार्टी में नेतृत्व रिक्ति पैदा होगी और आगामी चुनावी रणनीति पर भी असर पड़ सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अन्नामलाई की नाराजगी मुख्य रूप से राज्य में पार्टी की चुनावी रणनीति और गठबंधन निर्णयों को लेकर थी।
तमिल में अन्नामलाई की लोकप्रियता का बढ़ रहा था कद
बीजेपी के नेताओं ने अन्नामलाई के योगदान की सराहना की है। केंद्रीय नेतृत्व के करीबी सूत्रों का कहना है कि अन्नामलाई ने पार्टी की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई और राज्य में बीजेपी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी शैली ने पार्टी को नए जनसमर्थन के साथ जोड़ने में मदद की।
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इस इस्तीफे के बाद तमिलनाडु बीजेपी को नए नेतृत्व की तलाश करनी होगी, खासकर 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी के भीतर गहन समीक्षा की उम्मीद है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि अन्नामलाई का इस्तीफा राज्य में बीजेपी की रणनीति और स्थानीय राजनीति पर प्रभाव डाल सकता है, खासकर जब राज्य में आगामी चुनावों की तैयारियां शुरू हो रही हैं।
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