
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग के प्रो. चंदकी राम गौतम और उनकी शोध टीम ने ऊर्जा भंडारण (एनर्जी स्टोरेज) के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। उनकी शोध समीक्षा एल्सेवियर की प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पत्रिका जर्नल ऑफ एनर्जी स्टोरेज (इम्पैक्ट फैक्टर 9.8) के Q1 वर्ग की जर्नल में प्रकाशित हुई है। ऊर्जा भंडारण प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में इस पत्रिका को विश्व की अग्रणी शोध पत्रिकाओं में गिना जाता है। यह प्रकाशन न केवल विश्वविद्यालय बल्कि देश के वैज्ञानिक समुदाय के लिए भी गौरव का विषय माना जा रहा है।
प्रकाशित शोध समीक्षा में एमएक्सीन आधारित उन्नत ऊर्जा भंडारण सामग्री और सुपरकैपेसिटर तकनीक में हाल के वैश्विक विकासों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। एमएक्सीन वर्ष 2011 में खोजी गई द्वि-आयामी (2D) नैनो सामग्री की एक उभरती हुई श्रेणी है, जिसने अपनी उत्कृष्ट विद्युत चालकता, विशाल सतह क्षेत्र, यांत्रिक लचीलापन और अनुकूलित सतही रसायन के कारण वैज्ञानिकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया है। एमएक्सीन आधारित इलेक्ट्रोड उच्च धारिता, तीव्र चार्ज-डिस्चार्ज क्षमता और उत्कृष्ट चक्रीय स्थिरता प्रदान करते हैं, जिससे वे भविष्य की ऊर्जा भंडारण प्रणालियों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो सकते हैं।
हाइब्रिड इलेक्ट्रोड तकनीक से बढ़ेगी सुपरकैपेसिटर की क्षमता
शोध समीक्षा में एमएक्सीन आधारित हाइब्रिड इलेक्ट्रोडों के निर्माण की विभिन्न रणनीतियों का गहन विश्लेषण किया गया है। इसमें कार्बन नैनोट्यूब, ग्राफीन, धातु ऑक्साइड, धातु सल्फाइड तथा चालक पॉलिमरों के साथ एमएक्सीन के संयोजन पर विशेष रूप से चर्चा की गई है। अध्ययन में बताया गया है कि ये हाइब्रिड संरचनाएं एमएक्सीन की प्रमुख चुनौतियों, जैसे नैनोशीट रीस्टैकिंग और ऑक्सीकरण, को दूर कर उसकी विद्युत-रासायनिक क्षमता को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाती हैं। इससे ऊर्जा भंडारण उपकरणों का प्रदर्शन अधिक प्रभावी और टिकाऊ बनाया जा सकता है।
फ्लेक्सिबल और वेयरेबल तकनीकों पर भी विशेष फोकस
शोध लेख में फ्लेक्सिबल एवं वेयरेबल सुपरकैपेसिटर, माइक्रो-सुपरकैपेसिटर, इलेक्ट्रोलाइट इंजीनियरिंग तथा बड़े पैमाने पर निर्माण तकनीकों पर भी विस्तार से चर्चा की गई है। इन तकनीकों को भविष्य के स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, पहनने योग्य गैजेट्स और उन्नत ऊर्जा भंडारण प्रणालियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वैश्विक शोध को एक मंच पर लाने का प्रयास
प्रो. चंदकी राम गौतम ने इस उपलब्धि पर कहा कि यह समीक्षा विश्वभर में हुए शोध कार्यों को एक मंच पर लाकर एमएक्सीन आधारित टिकाऊ, फ्लेक्सिबल और उच्च दक्षता वाले सुपरकैपेसिटर विकसित करने के लिए एक स्पष्ट रोडमैप प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि उनकी टीम का उद्देश्य प्रयोगशाला स्तर पर विकसित नवाचारों को वास्तविक ऊर्जा भंडारण प्रणालियों में परिवर्तित करने में योगदान देना है, जिससे भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को अधिक प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके।
स्वच्छ ऊर्जा और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मिलेगा बल
विशेषज्ञों के अनुसार यह प्रकाशन लखनऊ विश्वविद्यालय को नैनोप्रौद्योगिकी, ऊर्जा सामग्री और सतत ऊर्जा अनुसंधान के क्षेत्र में अग्रणी संस्थानों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही यह भारत की स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और आत्मनिर्भर प्रौद्योगिकी विकास संबंधी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप भी है। जर्नल ऑफ एनर्जी स्टोरेज में शोध का प्रकाशन कार्य की उच्च गुणवत्ता, वैज्ञानिक महत्ता और उसकी वैश्विक प्रासंगिकता को दर्शाता है।
शोध टीम में शामिल
प्रो. चंदकी राम गौतम (कॉरेस्पॉन्डिंग ऑथर)
डॉ. रजत कुमार मिश्रा (शोधार्थी)
डॉ. सर्वेश कुमार अविनाशी (शोधार्थी)