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होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमलों का दावा किया है।

ईरान-अमेरिका तनाव इजराइल अटैक
ईरान-अमेरिका तनाव इजराइल अटैक

नई दिल्ली/अमर भारती। मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहा तनाव अब एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। होर्मुज स्ट्रेट के आसपास बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइल हमले किए हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है और अमेरिकी अधिकारियों ने बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं की है।

तनाव की ताजा शुरुआत होर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर के गिरने की घटना से हुई। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार इसके बाद अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान के जास्क, सीरिक और केश्म द्वीप के आसपास मौजूद रडार, निगरानी और वायु रक्षा प्रतिष्ठानों पर सीमित जवाबी कार्रवाई की। ईरान ने इन हमलों को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए जवाब देने की चेतावनी दी थी।

बहरीन में अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट पर हमले का दावा

आईआरजीसी ने दावा किया है कि उसका सबसे बड़ा हमला बहरीन की राजधानी मनामा में स्थित अमेरिकी नौसेना के फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय पर केंद्रित था। ईरानी मीडिया के अनुसार तड़के ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया गया, जिसके बाद बहरीन में एयर रेड अलर्ट जारी किया गया और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई। स्थानीय स्तर पर कई धमाकों की आवाजें सुनाई देने की खबरें सामने आई हैं। हालांकि अमेरिकी सेना ने किसी बड़े नुकसान या हताहत की पुष्टि नहीं की है।

कुवैत के अली अल सलेम एयरबेस को बनाया निशाना

ईरान ने कुवैत में स्थित अली अल सलेम एयरबेस को भी निशाना बनाने का दावा किया है, जिसे अमेरिकी वायुसेना का एक महत्वपूर्ण संचालन केंद्र माना जाता है। कुवैती अधिकारियों ने बताया कि देश की वायु रक्षा प्रणालियां सक्रिय कर दी गईं और संदिग्ध हवाई लक्ष्यों को रोकने की कार्रवाई की गई। क्षेत्र में कई विस्फोटों की भी सूचना मिली है।

जॉर्डन में भी बढ़ी सैन्य सतर्कता

क्षेत्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठान भी संभावित हमलों की जद में आए। जॉर्डन की सुरक्षा एजेंसियों ने कई मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने का दावा किया है। हालांकि हमलों की वास्तविक क्षति और प्रभाव को लेकर आधिकारिक जानकारी सीमित है।

ईरान की चेतावनी और वैश्विक चिंता

आईआरजीसी का दावा है कि उसने पूरे क्षेत्र में अमेरिकी सेना के कई एयर और नेवल बेस को निशाना बनाया है। वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि यदि ईरान पर आगे कोई हमला हुआ तो उसका जवाब और अधिक कठोर होगा। दूसरी ओर अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने क्षेत्र में अतिरिक्त सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह टकराव और बढ़ता है तो इसका असर केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में से एक है और यहां किसी भी बड़े सैन्य संघर्ष से वैश्विक ऊर्जा बाजार, तेल कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।

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