
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आई है। प्रांतीय सिविल सेवा (पीसीएस) के 36 वरिष्ठ अधिकारियों को जल्द ही भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) कैडर में प्रोन्नत किया जाएगा। विभागीय प्रोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक में इन अधिकारियों के नामों पर सहमति बनने के बाद उनके आईएएस बनने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। अब संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) और केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) की औपचारिक अधिसूचना जारी होने का इंतजार है। इस महत्वपूर्ण पदोन्नति को प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था के लिए बड़ा बदलाव माना जा रहा है, जिससे शासन-प्रशासन और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
अनुभवी अधिकारियों को मिला प्रमोशन का अवसर
आईएएस कैडर में शामिल होने वाले अधिकारियों की सूची में वर्ष 1997 बैच से लेकर 2012 बैच तक के अनुभवी और महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत अधिकारी शामिल हैं। इनमें सबसे वरिष्ठ अधिकारी 1997 बैच के हरिश चन्द्र हैं, जो वर्तमान में कोलकाता में फूड एंड सिविल सप्लाई विभाग के रेजिडेंट कमिश्नर के रूप में कार्यरत हैं। इसके अलावा 1999 बैच के प्रभुनाथ, जो विशेष सचिव लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के पद पर तैनात हैं, तथा 2002 बैच की अंजू कटियार, जो बोर्ड ऑफ रेवेन्यू में ओएसडी हैं, उन्हें भी आईएएस कैडर में स्थान मिलने जा रहा है। 2004 बैच के अमर पाल सिंह और 2008 बैच के आलोक वर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों के नामों पर भी अंतिम सहमति बन चुकी है।
2010 और 2011 बैच के अधिकारियों का दबदबा
इस बार की डीपीसी में सबसे अधिक संख्या 2010 और 2011 बैच के अधिकारियों की रही है। 2010 बैच से डॉ. विश्राम, अशोक कुमार कनौजिया, विवेक श्रीवास्तव, पुष्पराज सिंह, संजय कुमार सिंह, राज कुमार द्विवेदी, राकेश कुमार पटेल, सुशीला और आलोक कुमार जैसे अधिकारी आईएएस कैडर में शामिल होने जा रहे हैं। ये सभी वर्तमान में प्रदेश के विभिन्न मंडलों, विकास प्राधिकरणों और जिलों में महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
वहीं 2011 बैच के अधिकारियों की सूची और भी लंबी है। इसमें वैभव मिश्रा, योगानन्द पांडेय, प्रदीप कुमार यादव, अमित कुमार, पूनम निगम, डॉ. नितिन मदान, हर्ष देव पांडेय, शैलेंद्र कुमार सिंह, नरेंद्र बहादुर सिंह, संतोष बहादुर सिंह, पंकज वर्मा, विजय कुमार सिंह, अतुल कुमार, अमित सिंह, प्रियंका सिंह, डॉ. सुनील कुमार वर्मा, गरिमा स्वरूप और संदीप कुमार जैसे अधिकारी शामिल हैं। ये अधिकारी वर्तमान में विकास प्राधिकरणों, जिलों, आयोगों और विभिन्न विभागों में अहम दायित्व संभाल रहे हैं।
लखनऊ और गोरखपुर के अधिकारियों को भी मिली जगह
इस बड़ी पदोन्नति सूची में प्रशासनिक हलकों में मजबूत पकड़ रखने वाले राकेश कुमार सिंह (एडीएम एफआर, लखनऊ) और डॉ. वैभव शर्मा (एडीएम ई, गोरखपुर) के नाम भी शामिल हैं। इसके अलावा वाराणसी स्थित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर की व्यवस्थाओं का संचालन कर रहे 2012 बैच के विश्वभूषण मिश्रा, जो वर्तमान में मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) के पद पर कार्यरत हैं, उन्हें भी आईएएस कैडर आवंटित किए जाने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
प्रमोशन के बाद बड़े प्रशासनिक फेरबदल की संभावना
सचिवालय सूत्रों के अनुसार डीपीसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यूपीएससी और डीओपीटी की ओर से जल्द ही आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। इसके साथ ही शासन स्तर पर इन अधिकारियों की नई तैनातियों को लेकर भी मंथन शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि आईएएस कैडर में प्रोन्नति के बाद कई जिलों में जिलाधिकारी (डीएम), मंडलीय पदों और बड़े विकास प्राधिकरणों में महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। सरकार इस अवसर का उपयोग प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए कर सकती है।
सरकार को मिलेगा अनुभवी प्रशासनिक नेतृत्व
विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे प्रशासनिक अनुभव वाले इन अधिकारियों के आईएएस कैडर में शामिल होने से शासन को अनुभवी नेतृत्व मिलेगा। विभिन्न जिलों, विकास प्राधिकरणों और विभागों में कार्य कर चुके इन अधिकारियों का अनुभव प्रदेश में कानून-व्यवस्था, विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं के संचालन को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक साबित हो सकता है। यह पदोन्नति न केवल संबंधित अधिकारियों के लिए बड़ी उपलब्धि है, बल्कि प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।