पश्चिमी विक्षोभ का असर कमजोर: अब बढ़ेगी गर्मी, एक हफ्ते में 4 से 6 डिग्री तक चढ़ सकता है पारा

लखनऊ। प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते आंधी और बारिश का दौर देखने को मिला, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से काफी राहत मिली थी। हालांकि अब इस मौसमीय प्रणाली का असर धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगा है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में आंधी और बारिश की गतिविधियां सीमित होंगी और गर्मी एक बार फिर अपना असर दिखाना शुरू कर देगी। शनिवार सुबह मौसम ने एक बार फिर करवट ली और कानपुर, लखनऊ समेत अवध क्षेत्र के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश दर्ज की गई। इसके बावजूद मौसम विभाग का अनुमान है कि दक्षिणी उत्तर प्रदेश को छोड़कर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहेगा और तापमान में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

दो दिन की राहत के बाद फिर सताएगी गर्मी

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में बीते दिनों आंधी और बारिश हुई, जिसके कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई थी। इससे मौसम सुहावना हो गया था और लोगों को गर्मी से राहत मिली थी। लेकिन अब यह राहत ज्यादा दिन तक कायम रहने वाली नहीं है। उन्होंने बताया कि शनिवार से तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि शुरू होगी और लोगों को फिर से गर्मी का अहसास होने लगेगा। दक्षिणी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है, जबकि शेष प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक अगले दस दिनों के दौरान तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे गर्मी का प्रभाव काफी बढ़ जाएगा।

मानसून ने बढ़ाई रफ्तार, कई राज्यों में दी दस्तक

इधर, दक्षिण-पश्चिम मानसून भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। शुक्रवार को मानसून ने उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों के साथ-साथ पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा और झारखंड के कई क्षेत्रों में दस्तक दे दी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, 12 जून को मानसून की उत्तरी सीमा हरनाई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राद्री कोठागुडेम, कलिंगपट्टनम, पारादीप, बारीपदा, पुरुलिया, धनबाद और मुजफ्फरपुर से होकर गुजर रही थी। मौसम विभाग ने बताया कि अगले दो से तीन दिनों के दौरान परिस्थितियां मानसून की आगे की प्रगति के लिए अनुकूल बनी हुई हैं।

इन राज्यों में तेज होगी बारिश की गतिविधियां

मौसम विभाग के अनुसार, मानसून के आगे बढ़ने के साथ मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक के शेष हिस्सों, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार तथा छत्तीसगढ़ के कई क्षेत्रों में भी इसके पहुंचने की संभावना है। मानसून की सक्रियता बढ़ने से इन राज्यों में वर्षा की गतिविधियों में तेजी आने के आसार हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में बारिश का दायरा और तीव्रता दोनों बढ़ सकती हैं, जिससे किसानों और आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।