तेज आंधी का कहर: पेड़ गिरने से टूटा बिजली का खंभा, महिला की दर्दनाक मौत

पंकज चतुर्वेदी

कोठी/बाराबंकी। राजधानी से सटे जनपद बाराबंकी में शनिवार सुबह आई तेज आंधी ने कोठी थानाक्षेत्र के मैकूपुरवा मजरे इब्राहिमा गांव में एक परिवार की खुशियां छीन लीं। तेज हवाओं के कारण एक विशाल पेड़ बिजली के खंभे पर गिर गया, जिससे खंभा टूटकर नीचे आ गिरा। हादसे की चपेट में आने से 35 वर्षीय आरती देवी, पत्नी रामराज रावत, की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

अचानक बिगड़े मौसम ने ली जान, बचाव का मौका भी नहीं मिला

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक शनिवार सुबह अचानक मौसम ने करवट ली और तेज आंधी चलने लगी। इसी दौरान गांव के पास खड़ा एक बड़ा पेड़ उखड़कर बिजली के पोल पर गिर पड़ा। पेड़ के भारी दबाव से बिजली का खंभा भरभराकर टूट गया और नीचे खड़ी आरती देवी उसकी चपेट में आ गईं। हादसा इतना अचानक हुआ कि उन्हें संभलने या सुरक्षित स्थान पर जाने का मौका तक नहीं मिला। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव का प्रयास किया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस, जांच शुरू

घटना की जानकारी मिलते ही कोठी थाना पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं विद्युत विभाग की टीम ने भी मौके का निरीक्षण किया और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों में आक्रोश, जर्जर खंभों और पेड़ों की अनदेखी पर उठे सवाल

इस दर्दनाक हादसे के बाद ग्रामीणों में आक्रोश भी देखने को मिल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में कई बिजली के खंभे जर्जर अवस्था में हैं और कई बड़े पेड़ भी खतरा बने हुए हैं। यदि समय रहते इनकी देखभाल और आवश्यक कटाई-छंटाई कराई जाती तो संभवतः यह हादसा टाला जा सकता था। ग्रामीणों ने मृतका के परिवार को आर्थिक सहायता और उचित मुआवजा देने की मांग की है।

सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल, कार्रवाई की मांग

तेज आंधी के बीच हुए इस हादसे ने एक बार फिर बिजली व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे संवेदनशील और खतरनाक स्थानों की पहचान कर प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह की त्रासदी का सामना न करना पड़े। घटना के बाद क्षेत्र में भय और चिंता का माहौल बना हुआ है।