Lucknow Fire Incident: लखनऊ अलीगंज अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के बाद बड़ा खुलासा। बिना इमरजेंसी गेट चल रहा था कॉम्प्लेक्स, कई अधिकारी निलंबित, जांच तेज।

नई दिल्ली/अमर भारती। राजधानी के अलीगंज इलाके में हुए भीषण अग्निकांड (Lucknow Fire Incident) ने भवन सुरक्षा मानकों और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस तीन मंजिला शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में आग लगी, वहां सुरक्षा नियमों की खुलेआम अनदेखी की गई थी। हादसे में 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। जानकारी के अनुसार, कॉम्प्लेक्स में बेसमेंट भी बनाया गया था, लेकिन एंट्री और एग्जिट के लिए केवल एक संकरा रास्ता छोड़ा गया था। स्थिति और गंभीर तब हो गई जब उसी रास्ते के ऊपर सात पैनल, दो एग्जॉस्ट फैन और एक इलेक्ट्रिक कंट्रोल पैनल लगा दिए गए, जिससे निकलने का मार्ग और भी बाधित हो गया।
बिना इमरजेंसी गेट के संचालित हो रहा था कॉम्प्लेक्स
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कॉम्प्लेक्स में किसी भी प्रकार का इमरजेंसी एग्जिट गेट नहीं था। आग लगने के बाद दूसरी मंजिल पर फंसे लोगों के पास बाहर निकलने का कोई सुरक्षित विकल्प नहीं बचा। इसी कारण 15 लोगों की जान चली गई। मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और चार नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। राज्य सरकार ने जांच के लिए आईएएस अमृत अभिजात और आईपीएस प्रवीण कुमार की अगुवाई में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।
आखिर 15 मौतों का जिम्मेदार कौन?
हादसे के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए), फायर विभाग, बिजली विभाग और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि रिहायशी नक्शा पास कराकर कॉम्प्लेक्स का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था, लेकिन संबंधित विभागों ने समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। सरकार ने अब तक एलडीए, बिजली विभाग और फायर विभाग के कुल चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। साथ ही अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। प्रशासनिक स्तर पर जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये की सहायता
उत्तर प्रदेश सरकार ने हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को 5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। विधायक नीरज बोरा ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता सौंपी। राज्य सरकार ने घायलों के समुचित इलाज और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया है।
एलडीए ने बनाई पांच सदस्यीय जांच टीम
लखनऊ अग्निकांड की जांच को लेकर एलडीए ने भी कार्रवाई तेज कर दी है। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने घटना की जांच के लिए पांच सदस्यीय विशेष समिति का गठन किया है। ज्ञानेंद्र वर्मा के नेतृत्व में गठित इस टीम में के.के. गौतम, मानवेंद्र सिंह, मनोज सागर और रविनंदन सिंह को शामिल किया गया है। समिति हादसे के सभी पहलुओं की जांच कर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर लापरवाही के आरोप में एलडीए के एई और जेई को निलंबित कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
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