बांके पुलिस के समन्वय से ही रुकेगी मादक पदार्थों की तस्करी : डीआईजी

राजकुमार श्रीवास्तव

बहराइच। देवीपाटन मंडल के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) अशोक कुमार शुक्ल ने गुरुवार शाम सीमावर्ती कस्बा रुपईडीहा में मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए भारत और नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र में मादक पदार्थों की बरामदगी को पुलिस का “गुड वर्क” नहीं माना जा सकता। वास्तविक सफलता तभी मानी जाएगी, जब नशीले पदार्थों का अवैध भंडारण और तस्करी पूरी तरह रोकी जा सके।

पत्रकारों से बातचीत के दौरान डीआईजी अशोक कुमार शुक्ल ने कहा कि बहराइच पुलिस और नेपाल के बांके जिले की पुलिस को संयुक्त रूप से अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाना होगा। उन्होंने बताया कि रुपईडीहा और दरगाह क्षेत्र में डॉक्टर के पर्चे पर मिलने वाली दवाओं का बड़े पैमाने पर अवैध भंडारण सामने आया है, जो बेहद गंभीर विषय है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह का समय देते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि इसके बाद यदि कोई भी व्यक्ति इस अवैध कारोबार में लिप्त पाया गया तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

डीआईजी ने कहा कि नेपाल भारत का मित्र राष्ट्र है और दोनों देशों के सीमावर्ती क्षेत्रों की चुनौतियां भी लगभग समान हैं। ऐसे में दोनों देशों की पुलिस के बीच लगातार संवाद, सूचनाओं का आदान-प्रदान और संयुक्त कार्रवाई ही मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने का सबसे कारगर माध्यम है। उन्होंने बहराइच के पुलिस अधीक्षक को निर्देशित किया कि नेपाल के बांके जिले के पुलिस अधीक्षक के साथ नियमित संपर्क बनाए रखें, ताकि सीमा पार होने वाली आपराधिक गतिविधियों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

इस दौरान डीआईजी अशोक कुमार शुक्ल के साथ अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) दुर्गा प्रसाद तिवारी, क्षेत्राधिकारी नानपारा पहुप सिंह तथा रुपईडीहा प्रभारी निरीक्षक रमेश सिंह रावत भी मौजूद रहे। सभी अधिकारी नेपाल गेट तक पहुंचे, जहां नेपाल एपीएफ के डीएसपी तीर्थ राज एवं थाना जमुनहा के प्रभारी के साथ सीमा सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और दोनों देशों के बीच समन्वय को और मजबूत बनाने को लेकर विस्तृत वार्ता की गई।