टिकैतनगर नगर पंचायत में संविदा कर्मी पर मनमानी के आरोप, भुगतान रोकने का विवाद, जांच की उठी मांग


बाराबंकी। नगर पंचायत टिकैतनगर में कार्यरत एक संविदा कर्मचारी पर अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर बाबू की भूमिका निभाने, कर्मचारियों पर दबाव बनाने तथा आम नागरिकों के साथ अभद्र व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगे हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि संबंधित कर्मचारी कार्यालय के कार्यों में मनमाने ढंग से हस्तक्षेप करता है, जिससे लोगों के काम समय पर नहीं हो पाते। मामले को लेकर स्थानीय नागरिकों में नाराजगी है और जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
जानकारी के अनुसार, कोटवा धाम रोड स्थित नगर पंचायत कार्यालय में तैनात संविदा कर्मचारी पर आरोप है कि वह लिपिकीय कार्यों का संचालन करते हुए कर्मचारियों को अपनी इच्छा के अनुसार कार्य करने के लिए दबाव में रखता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई मामलों में फरियादियों को अपने कार्य के लिए पहले उसी कर्मचारी से अनुमति लेनी पड़ती है, जबकि वह केवल संविदा पर नियुक्त कर्मचारी है। आरोप है कि इससे कार्यालय का वातावरण भी प्रभावित हो रहा है।
इसी बीच एक स्थानीय मीडिया कर्मी ने आरोप लगाया कि वह अपने संस्थान का भुगतान संबंधी चेक लेने नगर पंचायत कार्यालय पहुंचा था, लेकिन संबंधित कर्मचारी ने चेक देने से इंकार कर दिया। मीडिया कर्मी का कहना है कि पूर्व में नगर पंचायत की अनियमितताओं को लेकर समाचार प्रकाशित किए जाने के कारण व्यक्तिगत रंजिश के चलते उसके साथ ऐसा व्यवहार किया गया। काफी अनुरोध के बावजूद उसी दिन चेक जारी नहीं किया गया।
शिकायतकर्ता ने इसकी जानकारी नगर पंचायत अध्यक्ष जगदीश प्रसाद गुप्ता और अधिशासी अधिकारी शीलू अवस्थी को दी। आरोप है कि शिकायत के बावजूद तत्काल कोई कार्रवाई नहीं हुई और भुगतान भी नहीं कराया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि शिकायत करने वालों को ही परेशान किया जाएगा तो आम नागरिकों को न्याय मिलना मुश्किल हो जाएगा।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर पंचायत कार्यालय में लंबे समय से कार्यप्रणाली को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। उनका कहना है कि कुछ कर्मचारी अपनी निर्धारित जिम्मेदारियों से आगे बढ़कर निर्णय लेते हैं, जिससे लोगों के कार्य प्रभावित होते हैं। नागरिकों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में नगर पंचायत अध्यक्ष जगदीश प्रसाद गुप्ता ने कहा कि कार्यालय में सभी कर्मचारियों का कार्य पहले से निर्धारित है और सभी उसी के अनुसार कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत में सभी कार्य पारदर्शिता के साथ किए जा रहे हैं। उनके अनुसार अभी तक उन्हें इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। यदि कोई शिकायत मिलती है तो उसकी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया है कि नगर पंचायत में कुछ कर्मचारियों का प्रभाव आवश्यकता से अधिक बढ़ गया है, जिससे आम लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले में संबंधित संविदा कर्मचारी का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। उनका पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।