पंजाब यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस में जलभराव के बीच करंट लगने से पीएचडी छात्रा ज्योति की मौत हो गई।

पंजाब यूनिवर्सिटी (PU) के साउथ कैंपस में मंगलवार सुबह बारिश के बाद हुए जलभराव के बीच एक दर्दनाक हादसा हो गया। पानी से भरे रास्ते से गुजर रही 26 वर्षीय पीएचडी शोधार्थी ज्योति की कथित तौर पर करंट लगने से मौत हो गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, छात्रा का शव सड़क किनारे एक बिजली के खंभे के पास मिला। घटना के बाद पूरे कैंपस में शोक और आक्रोश का माहौल है।
पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह जांच की जा रही है कि करंट किस कारण फैला और हादसे के पीछे कोई तकनीकी या प्रशासनिक लापरवाही थी या नहीं।
बारिश के बाद जलभराव के बीच हुआ हादसा
मंगलवार सुबह हुई बारिश के बाद पंजाब यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस में कई जगह पानी भर गया था। इसी दौरान पीएचडी स्कॉलर ज्योति पानी से भरे रास्ते से गुजर रही थीं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, इसी दौरान वह बिजली के करंट की चपेट में आ गईं। उनका शव बाद में सड़क किनारे एक बिजली के खंभे के पास मिला। घटना के समय आसपास मौजूद कुछ लोगों ने इसका वीडियो भी बनाया, जो सोशल मीडिया पर सामने आया है। हालांकि, करंट लगने की सटीक वजह की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
ABVP ने लगाया लापरवाही का आरोप
हादसे के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी यूनिवर्सिटी के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (XEN) कार्यालय पहुंचे और प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। छात्रों का कहना था कि जब वे कार्यालय पहुंचे तो वहां कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था। उनका आरोप है कि कैंपस में पहले भी सुरक्षा से जुड़े मुद्दे सामने आते रहे हैं, लेकिन प्रशासन ने स्थायी समाधान नहीं किया।
जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
ABVP के प्रदेश अध्यक्ष प्रथम सिंगला ने आरोप लगाया कि जलभराव वाले क्षेत्र में बिजली का करंट फैलने के कारण यह हादसा हुआ। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाए तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
हरियाणा की रहने वाली थीं ज्योति
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक छात्रा ज्योति हरियाणा के पेहोवा की रहने वाली थीं और पंजाब यूनिवर्सिटी में पीएचडी कर रही थीं। घटना के बाद साथी छात्रों और शिक्षकों में शोक की लहर है। कई छात्र संगठनों ने कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और जलभराव व बिजली संबंधी जोखिमों को तुरंत दूर करने की मांग की है।
पुलिस और प्रशासन कर रहे हैं जांच
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि की जा सकेगी। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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