NEET UG Paper Leak Case: CBI ने 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, NTA अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में

NEET-UG पेपर लीक मामले में CBI ने 13 आरोपियों के खिलाफ विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। NTA अधिकारियों की भूमिका की जांच भी जारी है।

NEET UG पेपर लीक मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करती CBI
सीबीआई ने NEET-UG पेपर लीक मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है।

नई दिल्ली/अमर भारती। देशभर में चर्चा का विषय बने NEET-UG पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मंगलवार को बड़ा कदम उठाते हुए 13 आरोपियों के खिलाफ विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। इस मामले की सुनवाई के लिए गठित विशेष अदालत बुधवार को आरोपपत्र पर संज्ञान ले सकती है। सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है और आगे की जांच जारी रहेगी। एजेंसी विशेष रूप से राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के कुछ अधिकारियों की संभावित भूमिका की भी जांच कर रही है।

किन धाराओं में दाखिल हुई चार्जशीट?

सीबीआई की आर्थिक अपराध शाखा (Economic Offences Branch) ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) और सार्वजनिक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपपत्र दाखिल किया है। जांच एजेंसी का मानना है कि यह मामला केवल पेपर लीक तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें संगठित नेटवर्क और आर्थिक लेन-देन के पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

चार्जशीट में शामिल 13 आरोपी

सीबीआई द्वारा दाखिल आरोपपत्र में कुल 13 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें यश यादव, मंगीलाल बीवाल, दिनेश बीवाल, विकास बीवाल, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, प्रह्लाद कुलकर्णी, तेजस हर्षद कुमार, डॉ. मनोज शिरुरे, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, मनीषा वाघमारे, मनीषा मंडहरे और मनीषा संजय हवलदार शामिल हैं। एजेंसी के अनुसार, सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं और मामले की सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष पेश किए जाएंगे।

कैसे सामने आया पेपर लीक नेटवर्क?

सीबीआई जांच के मुताबिक, आरोपी मंगीलाल बीवाल ने अपने बेटे विकास बीवाल को NEET परीक्षा में फायदा पहुंचाने के लिए प्रश्नपत्र हासिल करने की कोशिश की थी। इसके लिए उसने कथित रूप से शुभम खैरनार से संपर्क किया। जांच के दौरान मंगीलाल बीवाल के मोबाइल फोन से लीक हुआ प्रश्नपत्र बरामद होने का दावा किया गया है। यह बरामदगी जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य मानी जा रही है।

10 लाख रुपये में खरीदा गया था प्रश्नपत्र!

सीबीआई का आरोप है कि मंगीलाल बीवाल ने यश यादव से 10 लाख रुपये देकर प्रश्नपत्र प्राप्त किया था। पूछताछ के दौरान विकास बीवाल ने बताया कि उसकी मुलाकात यश यादव से राजस्थान के सीकर में कोचिंग के दौरान हुई थी। जांच एजेंसी का मानना है कि इसी संपर्क के माध्यम से कथित पेपर लीक नेटवर्क तक पहुंच बनाई गई और परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र हासिल किया गया।

NTA अधिकारियों की भूमिका पर भी नजर

मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू NTA अधिकारियों की भूमिका को लेकर चल रही जांच है। सीबीआई यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या परीक्षा प्रणाली के भीतर से किसी स्तर पर जानकारी लीक हुई थी या फिर बाहरी नेटवर्क ने प्रश्नपत्र तक पहुंच बनाई। यदि जांच में किसी अधिकारी की संलिप्तता सामने आती है तो आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां या पूरक चार्जशीट दाखिल की जा सकती हैं।

12 मई को दर्ज हुई थी FIR

इस मामले की शुरुआत 12 मई को हुई थी, जब एक सरकारी अधिकारी की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई। इसके बाद जांच की जिम्मेदारी सीबीआई को सौंपी गई और एजेंसी ने विभिन्न राज्यों में छापेमारी कर कई आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच के दौरान डिजिटल साक्ष्य, मोबाइल डेटा, वित्तीय लेन-देन और आपसी संपर्कों की भी गहन पड़ताल की गई।

NEET-UG पेपर लीक मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल होना जांच का बड़ा पड़ाव माना जा रहा है। हालांकि NTA अधिकारियों की भूमिका सहित कई पहलुओं की जांच अभी जारी है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना बनी हुई है।