ब्रॉड पीक एवलांच के बाद मशहूर माउंटेनियर निर्मल ‘निम्स’ पुरजा समेत 10 अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही लापता हो गए हैं

नई दिल्ली/अमर भारती। पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र में स्थित दुनिया की 12वीं सबसे ऊंची चोटी ब्रॉड पीक पर आए ब्रॉड पीक एवलांच ने अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण जगत को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में प्रसिद्ध माउंटेनियर निर्मल ‘निम्स’ पुरजा समेत 10 अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही लापता हो गए हैं। हादसे के बाद से बचाव एजेंसियां लगातार टीम की तलाश में जुटी हैं, लेकिन खराब मौसम के कारण रेस्क्यू अभियान प्रभावित हो रहा है।
चोटी की ओर बढ़ रही टीम पर टूटा हिमस्खलन
पाकिस्तान एल्पाइन क्लब के अनुसार ब्रॉड पीक एवलांच गुरुवार दोपहर काराकोरम पर्वत श्रृंखला में स्थित 8,047 मीटर ऊंचे ब्रॉड पीक पर आया। उस समय पर्वतारोहियों की टीम शिखर की ओर बढ़ रही थी। अचानक आए हिमस्खलन के बाद टीम से संपर्क टूट गया और तब से किसी सदस्य की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। अधिकारियों के मुताबिक ब्रॉड पीक एवलांच के बाद पर्वतारोहियों की खोज के लिए जमीनी और हवाई स्तर पर प्रयास शुरू किए गए हैं, लेकिन प्रतिकूल मौसम बड़ी चुनौती बना हुआ है।
10 अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही लापता
ब्रॉड पीक एवलांच में लापता हुए पर्वतारोहियों में कई देशों के अनुभवी क्लाइंबर शामिल हैं। पाकिस्तान एल्पाइन क्लब के अनुसार टीम में पांच नेपाली पर्वतारोही, नेपाल में जन्मे ब्रिटिश माउंटेनियर निर्मल पुरजा, पाकिस्तान के हुंजा क्षेत्र के सोहेल साखी, ओमान की पर्वतारोही नथीरा, अमेरिकी क्लाइंबर मैलोरी गीस, चीन के वांग और एक अन्य विदेशी पर्वतारोही शामिल हैं। इन सभी पर्वतारोहियों को ऊंची चोटियों पर चढ़ाई का व्यापक अनुभव है, इसलिए ब्रॉड पीक एवलांच की खबर ने वैश्विक पर्वतारोहण समुदाय में चिंता बढ़ा दी है।
निर्मल पुरजा के ट्रैकिंग डिवाइस से मिली उम्मीद
हालांकि ब्रॉड पीक एवलांच के बाद टीम का कोई सीधा संपर्क नहीं हो पाया है, लेकिन निर्मल पुरजा के पास मौजूद ट्रैकिंग डिवाइस ने बचाव दल की उम्मीदें जगा दी हैं। नेपाल के सांसद और पुरजा के बिजनेस पार्टनर मिंगमा ग्याबू शेरपा ने बताया कि हिमस्खलन के बाद डिवाइस की लोकेशन में बदलाव दर्ज किया गया।
शुरुआत में आशंका जताई गई थी कि ब्रॉड पीक एवलांच में पुरजा नीचे की ओर बह गए होंगे, लेकिन बाद में ट्रैकिंग डेटा में कुछ हलचल दिखाई दी। हालांकि इससे उनकी वास्तविक स्थिति का पता नहीं चल सका है, लेकिन यह संकेत मिला है कि एवलांच के बाद किसी प्रकार की गतिविधि हुई थी।
खराब मौसम के कारण रेस्क्यू में देरी
ब्रॉड पीक एवलांच के बाद सबसे बड़ी चुनौती खराब मौसम बनकर सामने आई है। लगातार प्रतिकूल मौसम और कम दृश्यता के कारण हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर पा रहे हैं। इससे हवाई सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन में देरी हो रही है।
पाकिस्तान एल्पाइन क्लब के अध्यक्ष मेजर जनरल इरफान अरशद ने बताया कि क्लब सरकारी एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर बचाव अभियान की तैयारी कर रहा है। मौसम में सुधार होते ही हेलीकॉप्टरों को तैनात किया जाएगा ताकि ब्रॉड पीक एवलांच में लापता पर्वतारोहियों की खोज तेज की जा सके।
कौन हैं निर्मल ‘निम्स’ पुरजा?
ब्रॉड पीक एवलांच में लापता हुए निर्मल ‘निम्स’ पुरजा दुनिया के सबसे चर्चित पर्वतारोहियों में गिने जाते हैं। नेपाल में जन्मे पुरजा पहले ब्रिटिश आर्मी और बाद में ब्रिटिश रॉयल मरीन का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने 2003 में ब्रिटिश सेना जॉइन की थी और 2009 में रॉयल मरीन बने थे।
निर्मल पुरजा को वैश्विक पहचान वर्ष 2019 में मिली, जब उन्होंने दुनिया की 14 ऐसी चोटियों पर चढ़ाई पूरी की जो 8,000 मीटर से अधिक ऊंची हैं। उन्होंने यह कारनामा केवल 189 दिनों में पूरा कर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। उनकी इस उपलब्धि पर बनी नेटफ्लिक्स डॉक्यूमेंट्री 14 Peaks: Nothing Is Impossible ने भी उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई।
एवरेस्ट से शुरू हुआ था सफर
निर्मल पुरजा का पर्वतारोहण करियर एक दिलचस्प संयोग से शुरू हुआ था। वर्ष 2012 में एवरेस्ट बेस कैंप ट्रेक के दौरान उन्होंने अचानक माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई करने का निर्णय लिया। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और दुनिया के सबसे सफल हाई-एल्टीट्यूड पर्वतारोहियों में अपनी पहचान बनाई। अब ब्रॉड पीक एवलांच के बाद पूरी दुनिया की नजरें रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हुई हैं। पर्वतारोहण समुदाय, परिजन और प्रशंसक उम्मीद कर रहे हैं कि लापता पर्वतारोहियों का जल्द पता चल सके और उन्हें सुरक्षित बचाया जा सके।
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