
प्रयागराज। काकोरी कांड के अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह को उचित सम्मान दिलाने की मांग को लेकर महुआ डाबर संग्रहालय परिवार के तत्वावधान में बुधवार से प्रयागराज में अनिश्चितकालीन धरना शुरू हो गया। आंदोलनकारी स्वरूप रानी नेहरू (एसआरएन) चिकित्सालय का नाम बदलकर “अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह चिकित्सालय” किए जाने की मांग कर रहे हैं। धरना ठाकुर रोशन सिंह के बलिदान स्थल माने जाने वाले एसआरएन चिकित्सालय परिसर में आयोजित किया जा रहा है।
धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि जिस स्थान पर आज एसआरएन चिकित्सालय संचालित है, वहीं ब्रिटिश शासनकाल में ऐतिहासिक मलाका जेल स्थित थी। इसी जेल में 19 दिसंबर 1927 को काकोरी कांड के अमर सेनानी ठाकुर रोशन सिंह को फांसी दी गई थी। इसलिए यह परिसर केवल एक अस्पताल नहीं, बल्कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का महत्वपूर्ण बलिदान स्थल भी है।
वक्ताओं ने कहा कि ठाकुर रोशन सिंह का योगदान देश के स्वतंत्रता आंदोलन में अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है, लेकिन आज भी उनके बलिदान स्थल को वह सम्मान नहीं मिला जिसके वे वास्तविक अधिकारी हैं। उन्होंने बताया कि फांसी से पूर्व मलाका जेल से लिखे गए ठाकुर रोशन सिंह के पत्र, उनके दुर्लभ चित्र और मुकदमे से जुड़े महत्वपूर्ण अभिलेख आज भी महुआ डाबर संग्रहालय में सुरक्षित हैं, जो उनके साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति के साक्ष्य हैं।
आंदोलनकारियों ने बताया कि 19 दिसंबर 1927 को ठाकुर रोशन सिंह को फांसी दिए जाने के बाद हजारों लोग उनके अंतिम दर्शन और पार्थिव शरीर को लेने के लिए जेल के बाहर एकत्र हुए थे। उस ऐतिहासिक अंतिम यात्रा के चित्र आज भी देशवासियों की श्रद्धा और सम्मान की गवाही देते हैं।
महुआ डाबर संग्रहालय परिवार का कहना है कि आजादी के अमृत काल में इस ऐतिहासिक बलिदान स्थल को उसकी वास्तविक पहचान मिलनी चाहिए। जिस स्थान पर देश की स्वतंत्रता के लिए प्राण न्योछावर करने वाले क्रांतिकारी को फांसी दी गई थी, उसी स्थान पर स्थित चिकित्सालय का नाम उनके नाम पर रखा जाना उनके सर्वोच्च बलिदान का सच्चा सम्मान होगा।
आंदोलनकारियों ने कहा कि यह मांग वर्षों से विभिन्न स्तरों पर उठाई जा रही है, लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया। उनका कहना है कि काकोरी ट्रेन एक्शन के शताब्दी वर्ष के बाद भी ठाकुर रोशन सिंह को अपेक्षित सम्मान नहीं मिल पाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक अस्पताल का नाम बदलकर “अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह चिकित्सालय” नहीं किया जाता, तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।
धरने में डॉ. शाह आलम राना, डॉ. अवनीश सिंह, प्रियांशु रंजन, निशांत मोदनवाल, हिमांशु सिंह, सम्राट राय, शिवांग त्रिपाठी, रिशुराज आनंद, श्रेयश तोमर, अभिषेक तिवारी, शुभम सिंह, आज्ञा प्रसाद तिवारी सहित बड़ी संख्या में छात्र, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।