
लखनऊ। राजधानी के आशियाना दिगंबर जैन मंदिर में मंगलवार आयोजित धर्मसभा में पूज्य उपाध्याय श्री 108 वीहसंत सागर जी महाराज ने श्रद्धालुओं को जीवन में श्रेष्ठ विचारों, विनम्रता और सदाचार अपनाने का संदेश दिया। अपने प्रवचन में उन्होंने कहा कि बड़ा बनने के लिए ऊंची आवाज की नहीं, बल्कि ऊंचे विचारों की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को सम्मान केवल उसकी उम्र या पद से नहीं मिलता, बल्कि उसके अच्छे व्यवहार, उत्तम संस्कारों और श्रेष्ठ कार्यों से प्राप्त होता है। मनुष्य की वास्तविक पहचान उसके कर्मों और आचरण से होती है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में ऐसे कार्य करने चाहिए, जिनसे समाज में सकारात्मक संदेश जाए।
विनम्रता और सेवा भावना को जीवन का आधार बनाने की प्रेरणा
पूज्य उपाध्याय श्री 108 वीहसंत सागर जी महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को जीवन में विनम्रता, सदाचार और सेवा भावना को अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि मनुष्य के विचार ही उसके व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं। जो व्यक्ति अपने विचारों को श्रेष्ठ बनाता है और अपने आचरण में संस्कारों को उतारता है, वही समाज में वास्तविक सम्मान और प्रतिष्ठा प्राप्त करता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे अपने व्यवहार और कर्मों के माध्यम से समाज में सद्भाव, संस्कार और सेवा की भावना को मजबूत करने का प्रयास करें।
12 अगस्त को मनाया जाएगा उपाध्याय श्री का 43वां अवतरण दिवस
इस अवसर पर आनंदमय पावन वर्षायोग समिति 2026 के अध्यक्ष चंदप्रकाश जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि पूज्य उपाध्याय श्री 108 वीहसंत सागर जी महाराज का 43वां अवतरण दिवस (जन्म दिवस) 12 अगस्त 2026 को बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। जन्मोत्सव समारोह का आयोजन फॉर्च्यून बैंक्वेट हॉल, एलडीए कॉलोनी, कानपुर रोड, लखनऊ में दोपहर 1 बजे से किया जाएगा। यह भव्य कार्यक्रम आनंदमय पावन वर्षायोग समिति 2026 के तत्वावधान में संपन्न होगा।
प्रदेशभर से लखनऊ पहुंच रहे जैन श्रद्धालु, हजारों के शामिल होने की संभावना
चंदप्रकाश जैन ने बताया कि पूज्य उपाध्याय श्री के जन्मोत्सव में सम्मिलित होने के लिए उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से बड़ी संख्या में जैन श्रद्धालु बसों और अन्य वाहनों से लखनऊ पहुंच रहे हैं। जन्मोत्सव समारोह को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और उमंग का माहौल है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले हजारों जैन श्रद्धालुओं के सम्मिलित होने की संभावना है। आयोजन को लेकर समिति की ओर से तैयारियां की जा रही हैं और जन्मोत्सव को भव्य एवं यादगार बनाने के लिए व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं की जा रही हैं।