
लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में शनिवार को रेजिडेंट डॉक्टरों के लिए सुरक्षित प्रिस्क्रिप्शन लेखन, मेडिकेशन रिकॉन्सिलिएशन और अग्नि सुरक्षा जागरूकता विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम संस्थान के क्वालिटी सेल और आईक्यूएसी की ओर से प्रशासनिक ब्लॉक स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित हुआ। इसका उद्देश्य चिकित्सकों को दवा लिखने की सुरक्षित एवं तर्कसंगत पद्धतियों के साथ-साथ मरीजों की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम में डीन प्रो. डॉ. राजन भटनागर, एसोसिएट डीन प्रो. डॉ. नवबीर पसरीचा, सब-डीन प्रो. डॉ. आलोक श्रीवास्तव और चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डॉ. अरविंद कुमार सिंह सहित संस्थान के वरिष्ठ चिकित्सक मौजूद रहे।
सुरक्षित प्रिस्क्रिप्शन पर दिया जोर
फार्माकोलॉजी विभाग की प्रो. डॉ. पूजा शुक्ला ने सुरक्षित और तर्कसंगत प्रिस्क्रिप्शन लेखन के प्रमुख पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने दवाओं के चयन, सही खुराक, उपयोग की अवधि और मरीज की स्थिति के अनुरूप दवा लिखने से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की।
इसके बाद आयोजित इंटरैक्टिव सत्र में रेजिडेंट डॉक्टरों ने दवाओं के सुरक्षित उपयोग, प्रिस्क्रिप्शन से जुड़ी सावधानियों और मेडिकेशन रिकॉन्सिलिएशन को लेकर सवाल पूछे। विशेषज्ञों ने चिकित्सकीय व्यवहार में दवाओं से संबंधित जानकारी को सही तरीके से दर्ज करने और मरीज की सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
मरीज की सुरक्षा को बताया महत्वपूर्ण
न्यूरोलॉजी विभाग के प्रो. डॉ. दिनकर कुलश्रेष्ठ और बाल रोग विभाग के प्रो. जूनियर डॉ. पीयूष उपाध्याय ने भी विषय से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए। प्रशिक्षण के दौरान चिकित्सकों को उपचार प्रक्रिया में संभावित जोखिमों को पहचानने और उन्हें कम करने के व्यावहारिक तरीकों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में अग्नि सुरक्षा जागरूकता से जुड़े पहलुओं पर भी प्रशिक्षण दिया गया। अस्पताल जैसे संवेदनशील चिकित्सा संस्थानों में आपात स्थिति के दौरान सुरक्षित निकासी, सावधानियों और सुरक्षा प्रक्रियाओं की जानकारी को महत्वपूर्ण बताया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य रेजिडेंट डॉक्टरों में रोगी सुरक्षा, उपचार की गुणवत्ता और निरंतर व्यावसायिक विकास को बढ़ावा देना रहा। विशेषज्ञों ने कहा कि सुरक्षित प्रिस्क्रिप्शन और दवाओं का उचित प्रबंधन चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
कार्यक्रम का समापन क्वालिटी सेल की प्रभारी एवं आयोजन अध्यक्ष प्रो. डॉ. स्मिता चौहान के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। आयोजन को सफल बनाने में डॉ. नवनीत श्रीवास्तव, डॉ. प्रज्ञा श्री, डॉ. स्मिथ यादव और डॉ. संध्या का सहयोग रहा।