राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए अंतिम इंटरव्यू शुरू हो गया है। करीब 5200 आवेदनों में से 18 उम्मीदवार शॉर्टलिस्ट हुए हैं। जानें चयन प्रक्रिया और अहम सवाल।

नई दिल्ली/अमर भारती। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद के लिए अंतिम साक्षात्कार मंगलवार से शुरू हो गया। अयोध्या के पूर्व जिलाधिकारी और मंडलायुक्त रह चुके आईएएस अधिकारी योगेश्वर राम मिश्र तथा एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के रूप में चर्चित रहे पूर्व आईपीएस अधिकारी राजेश पांडेय समेत करीब 18 शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को अंतिम चरण के इंटरव्यू के लिए बुलाया गया है।
चयन समिति के सदस्य प्रत्येक उम्मीदवार से करीब एक घंटे या उससे अधिक समय तक सवाल कर रहे हैं। इंटरव्यू में राम मंदिर की व्यवस्थाओं का संचालन, प्रशासनिक और प्रबंधकीय क्षमता, वित्तीय प्रबंधन, पूर्व अनुभव और पिछली तैनातियों से जुड़े सवाल पूछे जा रहे हैं। उम्मीदवारों की रामलला के प्रति आस्था और मंदिर व्यवस्था को लेकर उनकी समझ को भी परखा जा रहा है।
12 अगस्त तक चलेगा अंतिम साक्षात्कार
राम मंदिर ट्रस्ट में अंतिम साक्षात्कार बुधवार, 12 अगस्त तक चलने की जानकारी है। आवेदन पत्रों की शुरुआती छंटनी और प्राथमिक साक्षात्कार के बाद चयनित उम्मीदवारों को अंतिम चरण के लिए बुलाया गया है। तीन सदस्यीय चयन समिति की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली कर रहे हैं। समिति में डॉ. सुरेश हावड़े और सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी सदस्य हैं। यही समिति CEO पद के लिए उम्मीदवारों का अंतिम मूल्यांकन कर रही है। साक्षात्कार के दौरान ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन और ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्रदास भी मौजूद रहे।
करीब 5200 लोगों ने किया था आवेदन
राम मंदिर ट्रस्ट ने CEO पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। अंतिम तिथि तक करीब 5200 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त या मुक्त हो चुके अधिकारियों के साथ निजी क्षेत्र में अलग-अलग जिम्मेदारियां संभाल चुके लोगों ने भी आवेदन किया था। आवेदनों की स्क्रूटनी के बाद करीब 54 उम्मीदवारों का प्राथमिक साक्षात्कार लिया गया। इसके बाद चयन समिति ने करीब 18 उम्मीदवारों को अंतिम साक्षात्कार के लिए चुना है।
ग्रीन हाउस में हुआ इंटरव्यू
राम मंदिर ट्रस्ट के सूत्रों के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 10 बजे अंतिम साक्षात्कार शुरू हुआ। उम्मीदवारों को निर्धारित प्रवेश द्वारों से परिसर में प्रवेश दिया गया। पहले दिन करीब नौ उम्मीदवारों के इंटरव्यू होने की जानकारी है। बाहर से आने वाले कुछ उम्मीदवार सोमवार शाम ही अयोध्या पहुंच गए थे। बताया जा रहा है कि ट्रस्ट की ओर से उनके ठहरने की व्यवस्था रामजन्मभूमि परिसर के समीप स्थित तीर्थ क्षेत्र भवन में की गई थी।
प्रशासन और वित्तीय प्रबंधन पर खास जोर
राम मंदिर ट्रस्ट CEO पद के लिए होने वाले इंटरव्यू में उम्मीदवारों की प्रशासनिक क्षमता के साथ-साथ बड़े धार्मिक परिसर के प्रबंधन से जुड़ी समझ को भी परखा जा रहा है। मंदिर व्यवस्था के संचालन के अलावा वित्तीय प्रबंधन, कर्मचारियों के प्रबंधन, श्रद्धालुओं की सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय जैसे विषय भी चयन प्रक्रिया में अहम माने जा रहे हैं।
उम्मीदवारों के पूर्व प्रशासनिक अनुभव और पिछली तैनातियों के दौरान उनके कामकाज से संबंधित सवालों के जरिए यह समझने का प्रयास किया जा रहा है कि वे राम मंदिर जैसी बड़ी और संवेदनशील व्यवस्था की जिम्मेदारी किस तरह संभाल सकते हैं।
छह जुलाई को बनी थी चयन समिति
राम मंदिर ट्रस्ट की छह जुलाई को हुई बैठक में CEO पद के लिए तीन सदस्यीय चयन समिति गठित करने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद ट्रस्ट ने 13 जुलाई को अपनी आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन आमंत्रित किए थे। आवेदन की अंतिम तिथि 18 जुलाई निर्धारित की गई थी।
अब अंतिम साक्षात्कार पूरा होने के बाद चयन समिति तीन सबसे योग्य उम्मीदवारों का पैनल तैयार कर ट्रस्ट को सौंपेगी। इसके बाद दो सितंबर को प्रस्तावित ट्रस्ट की बैठक में इन नामों पर विचार-विमर्श किया जाएगा और CEO के चयन पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
राम मंदिर के निर्माण के बाद परिसर में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और व्यवस्थाओं के विस्तार को देखते हुए CEO का पद बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में चयन समिति के सामने प्रशासनिक अनुभव, प्रबंधन क्षमता और धार्मिक परिसर की संवेदनशीलताओं को समझने वाले सबसे उपयुक्त उम्मीदवार का चयन करने की चुनौती है।
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