जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय के सामने राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन का अनिश्चितकालीन धरना शुरू


लखीमपुर खीरी। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ने जिला गन्ना अधिकारी लखीमपुर के कार्यालय के सामने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। शनिवार सुबह से लगातार हो रही बारिश के बावजूद किसान धरना स्थल पर पहुंचे और प्रदर्शन शुरू किया। संगठन ने स्पष्ट किया है कि जब तक किसानों के बकाया गन्ना भुगतान पर ब्याज का हिसाब उपलब्ध नहीं कराया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा।
संगठन के जिला अध्यक्ष अंजनी दीक्षित ने कहा कि 16 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन की अवमानना याचिका पर सरदार वीएम सिंह की ओर से किसानों की समस्याओं को न्यायालय के समक्ष रखा गया था। उन्होंने कहा कि जब किसान गन्ने की खेती के लिए गन्ना समितियों और बैंकों सहित अन्य संस्थानों से कर्ज लेते हैं तो उन्हें कर्ज पर ब्याज और पेनाल्टी का भुगतान करना पड़ता है। ऐसे में चीनी मिलों की ओर से गन्ना भुगतान में देरी होने पर किसानों को ब्याज का लाभ मिलना चाहिए।
संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार, 16 जुलाई को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गन्ना पेराई सत्र 1996-97 से 2025-26 तक के बकाया गन्ना भुगतान पर 15 प्रतिशत की दर से ब्याज भुगतान किए जाने का आदेश गन्ना आयुक्त को दिया है। इसी क्रम में किसान अपने-अपने प्रार्थना पत्र जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय में जमा कर रहे हैं और जमा किए गए प्रार्थना पत्र की रिसीविंग भी प्राप्त कर रहे हैं।
अंजनी दीक्षित ने कहा कि किसान यह जानना चाहते हैं कि उनके वर्षों से लंबित गन्ना भुगतान पर कितना ब्याज बनता है। संगठन की मांग है कि प्रत्येक किसान के बकाया भुगतान और ब्याज का अलग-अलग हिसाब उपलब्ध कराया जाए, ताकि किसानों को वास्तविक देय राशि की जानकारी हो सके।
संगठन ने गन्ने के मूल्य में बढ़ोतरी की भी मांग उठाई है। जिला अध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान समय में चीनी का भाव 6000 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक बताया जा रहा है, जबकि पहले जब चीनी का भाव करीब 1000 रुपये प्रति क्विंटल था, उस समय गन्ने का मूल्य लगभग 100 रुपये प्रति क्विंटल था। उनका कहना है कि उत्पादन लागत लगातार बढ़ रही है और किसानों को गन्ने की खेती से पर्याप्त लाभ नहीं मिल रहा है।
किसान संगठन ने मांग की है कि आगामी पेराई सत्र शुरू होने से पहले उत्तर प्रदेश सरकार गन्ने का मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करे। संगठन का कहना है कि गन्ना किसानों को उनकी बढ़ती लागत और मेहनत के अनुरूप उचित मूल्य मिलना जरूरी है।
लगातार बारिश के कारण शनिवार को धरना स्थल पर किसानों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि मौसम साफ होने के बाद धरने में किसानों की संख्या बढ़ सकती है। फिलहाल बारिश के बावजूद धरना-प्रदर्शन जारी है और किसानों द्वारा प्रार्थना पत्र जमा करने का सिलसिला भी चल रहा है।
धरना-प्रदर्शन में सरदार जागीर सिंह, सरदार विचित्र सिंह, बलविंदर सिंह, नरेंद्र सिंह, अजीत सिंह, पुत्तूलाल अवस्थी, राजेश कुमार मिश्रा, दुलीचंद वर्मा, धर्मेंद्र वर्मा, रामनिवास शुक्ला, अवधेश कुमार राजपूत, जितेंद्र सिंह, मनोज कुमार सिंह, मोहनलाल, महेश गिरी, अशोक वर्मा, कलामुद्दीन, रिजवान खान, सुरेश कुमार पैलवी सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।