महाराष्ट्र के रायगढ़ में पत्थर की खदान से जुड़े GST-रॉयल्टी मामले को निपटाने के लिए मांगी गई थी 1.50 करोड़ की रिश्वत, बातचीत के बाद रकम घटकर 40 लाख हुई

नई दिल्ली/अमर भारती। महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में CGST रिश्वतखोरी मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआई ने 40 लाख रुपये की कथित रिश्वत लेने के मामले में CGST के एडिशनल कमिश्नर और IRS अधिकारी विनय कुमार कंथेती, CGST सुपरिटेंडेंट राकेश कुमार सिन्हा और एक अन्य व्यक्ति नरिंदर राजपूत को गिरफ्तार किया है।
सीबीआई के अनुसार, तीनों आरोपियों को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया। एजेंसी ने इस कार्रवाई को एक ट्रैप ऑपरेशन के जरिए अंजाम दिया, जिसमें नरिंदर राजपूत को कथित तौर पर 40 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।
1.50 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप
सीबीआई ने बताया कि इस मामले में 26 अगस्त को CGST सुपरिटेंडेंट राकेश कुमार सिन्हा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। आरोप है कि उन्होंने शिकायतकर्ता की पत्थर की खदान से जुड़ी फर्म के GST-रॉयल्टी मामले को निपटाने के बदले 1.50 करोड़ रुपये की रिश्वत की मांग की थी। जांच एजेंसी के मुताबिक, शिकायतकर्ता और आरोपी के बीच बातचीत के बाद कथित रिश्वत की रकम को घटाकर 40 लाख रुपये कर दिया गया। सीबीआई ने आरोप लगाया कि सरकारी अधिकारियों ने रिश्वत की रकम खुद लेने के बजाय इसे प्राप्त करने की जिम्मेदारी नरिंदर राजपूत को सौंपी थी।
40 लाख रुपये लेते रंगे हाथ पकड़ा
सीबीआई के बयान के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद एजेंसी ने आरोपों की जांच की और इसके बाद एक ट्रैप ऑपरेशन की योजना बनाई। ऑपरेशन के दौरान नरिंदर राजपूत को कथित तौर पर 40 लाख रुपये की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद मामले में CGST के दोनों अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की गई। सीबीआई का कहना है कि बाद में दोनों सरकारी अधिकारियों ने कथित तौर पर रिश्वत की रकम स्वीकार किए जाने की बात मान ली।
एडिशनल कमिश्नर और सुपरिटेंडेंट पर भी कार्रवाई
इस मामले में गिरफ्तार किए गए विनय कुमार कंथेती CGST के एडिशनल कमिश्नर और IRS अधिकारी बताए गए हैं। उनके साथ CGST सुपरिटेंडेंट राकेश कुमार सिन्हा और नरिंदर राजपूत को भी गिरफ्तार किया गया है। सीबीआई अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित रिश्वतखोरी में दोनों अधिकारियों और बिचौलिए की भूमिका क्या थी और क्या इस मामले में अन्य अधिकारी या लोग भी शामिल थे।
GST-रॉयल्टी मामले की जांच के बीच कार्रवाई
मामला एक पत्थर की खदान वाली फर्म से जुड़े GST और रॉयल्टी विवाद से संबंधित बताया गया है। आरोप है कि इसी मामले को निपटाने के लिए पहले 1.50 करोड़ रुपये की मांग की गई और बाद में बातचीत के बाद 40 लाख रुपये में कथित तौर पर सौदा तय हुआ।
सीबीआई की कार्रवाई के बाद अब एजेंसी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच के दौरान रिश्वतखोरी से जुड़े अन्य पहलुओं, पैसों के लेन-देन और आरोपियों के बीच संपर्क की भी पड़ताल की जा सकती है। हालांकि, आरोपियों पर लगे आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में होने वाली न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
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