
मोहम्मदी-खीरी। चर्चित लक्ष्मण गुप्ता प्रकरण अब तूल पकड़ता जा रहा है। व्यापारी लक्ष्मण गुप्ता के खिलाफ दर्ज दो मुकदमों को लेकर शनिवार को व्यापार मंडल खुलकर सामने आया। क्षेत्राधिकारी मोहम्मदी के क्षेत्र से बाहर होने के चलते व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने प्रभारी निरीक्षक उमेश चन्द्र चौरसिया को पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने तथा व्यापारी को दर्ज मुकदमों से बाहर किए जाने की मांग की गई।
ज्ञापन में थाना मोहम्मदी पर दर्ज मु0अ0सं0 499/2026 और मु0अ0सं0 500/2026 का उल्लेख करते हुए व्यापार मंडल ने आरोप लगाया कि दोनों मुकदमों में मोहल्ला बजरंगंज निवासी व्यापारी लक्ष्मण गुप्ता पुत्र श्यामभजन गुप्ता को गलत तरीके से फंसाया गया है। व्यापार मंडल ने मामले की जांच किसी निष्पक्ष अधिकारी से कराने और जांच पूरी होने तक पुलिस कार्रवाई के तथ्यों की भी गंभीरता से पड़ताल किए जाने की मांग की।
व्यापार मंडल ने पुलिस कार्रवाई के समय और स्थान को लेकर भी सवाल उठाए हैं। ज्ञापन के अनुसार 25 अगस्त को पुलिस चौकी मोहम्मदी प्रभारी उपनिरीक्षक अखिलेश सिंह पुलिस बल के साथ लक्ष्मण गुप्ता की दुकान पर पहुंचे थे। व्यापारी पक्ष का दावा है कि उस समय लक्ष्मण गुप्ता दुकान पर मौजूद थे और पुलिस द्वारा उन्हें दुकान से ले जाने की घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है।
व्यापार मंडल का सबसे बड़ा सवाल गिरफ्तारी के समय और स्थान को लेकर है। प्रतिनिधियों के मुताबिक दुकान से ले जाने की घटना करीब तीन बजे की बताई जा रही है, जबकि पुलिस अभिलेखों में गिरफ्तारी शंकरपुर चौराहे से शाम 3:22 बजे दर्शाई गई है। व्यापार मंडल ने सवाल उठाया कि यदि व्यापारी को दुकान से पुलिस अपने साथ ले गई थी तो महज 22 मिनट बाद उसकी गिरफ्तारी दूसरे स्थान से कैसे दर्शाई गई। संगठन ने इस बिंदु की सीसीटीवी फुटेज और पुलिस रिकॉर्ड के आधार पर जांच कराने की मांग की है।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि पुलिस ने लक्ष्मण गुप्ता पर लूट का माल खरीदने का आरोप लगाते हुए सामान वापस करने का दबाव बनाया। व्यापारी पक्ष का दावा है कि लक्ष्मण गुप्ता द्वारा खरीदे गए माल से अधिक मात्रा में सामान थाने में ले जाकर जमा कराया गया और 4500 रुपये भी वापस कराए गए। व्यापार मंडल ने इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाने की मांग की है।
पुलिस द्वारा की गई कथित बरामदगी को लेकर भी व्यापार मंडल ने सवाल उठाए हैं। ज्ञापन में पुलिस रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा गया कि शाहजहांपुर निवासी रोहित गौतम और मोहम्मदी क्षेत्र के सुजाताली मढ़ैया निवासी नितिन गौतम की गिरफ्तारी दर्शाई गई है। इनके कब्जे से एक मोटरसाइकिल, 315 बोर का अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस और 7800 रुपये बरामद किए जाने की बात कही गई है। व्यापारी पक्ष का कहना है कि पुलिस रिकॉर्ड में यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि दोनों आरोपियों में से किसके कब्जे से कौन सी वस्तु बरामद हुई।
ज्ञापन सौंपे जाने के बाद कोतवाली परिसर में प्रभारी निरीक्षक उमेश चन्द्र चौरसिया के साथ व्यापार मंडल, अधिवक्ता संघ और अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों की वार्ता भी हुई। प्रतिनिधियों ने पुलिस कार्रवाई से जुड़े सवालों को सामने रखते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई।
प्रभारी निरीक्षक उमेश चन्द्र चौरसिया ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने भविष्य में इस प्रकार की शिकायतों की पुनरावृत्ति रोकने का प्रयास करने तथा प्रतिनिधिमंडल को नियमानुसार हर संभव सहयोग का भरोसा भी दिलाया।
फिलहाल लक्ष्मण गुप्ता प्रकरण में व्यापार मंडल द्वारा लगाए गए आरोपों और पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज तथ्यों की जांच पर सभी की निगाहें टिकी हैं। निष्पक्ष जांच के बाद ही गिरफ्तारी के समय-स्थान और बरामदगी समेत अन्य आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।