गांधी जयंती से शुरू होगा कल्चर टैलेंट हंट: अटल जयंती पर होगा राज्य स्तरीय समापन, विद्यार्थियों को पर्यटन से जोड़ने पर जोर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के स्कूल-कॉलेजों के विद्यार्थियों को संस्कृति, विरासत, नवाचार और पर्यटन से जोड़ने के लिए ‘कल्चर टैलेंट हंट’ कार्यक्रम की शुरुआत आगामी 2 अक्टूबर, गांधी जयंती के अवसर पर की जाए। उन्होंने कहा कि इस अभियान के माध्यम से युवा पीढ़ी को प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने के साथ उन्हें ऐतिहासिक धरोहरों से जुड़ी कहानियों और अनुभवों को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाए। कार्यक्रम का समापन भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित कर किया जाए।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि युवा पीढ़ी को अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने का अवसर मिलना चाहिए। इसके लिए विद्यार्थियों की प्रतिभा और रचनात्मकता को पर्यटन से जोड़ते हुए ऐसे कार्यक्रम तैयार किए जाएं, जिनमें वे प्रदेश के ऐतिहासिक स्थलों, लोक संस्कृति, परंपराओं और विरासत से जुड़े अनुभवों को सामने ला सकें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ‘कल्चर टैलेंट हंट’ को व्यापक स्तर पर संचालित किया जाए और इसमें स्कूल एवं कॉलेजों के अधिक से अधिक विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

नवंबर 2026 तक सभी निर्माणाधीन कार्य पूरे करने के निर्देश

जयवीर सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विभाग के अंतर्गत निर्माणाधीन सभी परियोजनाओं को नवंबर 2026 तक हर हाल में पूरा कराया जाए। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं के निर्माण के लिए 31 मार्च 2026 तक धनराशि आवंटित की जा चुकी है, उनके निर्माण कार्य भी नवंबर तक प्रत्येक दशा में प्रारंभ हो जाने चाहिए। निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।

संस्कृति एवं पुरातत्व भवन के लिए शहीद पथ के पास जमीन तलाशने के निर्देश

पर्यटन भवन में संस्कृति एवं पर्यटन विभाग तथा उत्तर प्रदेश ब्रजतीर्थ विकास परिषद की उपलब्धियों की समीक्षा के दौरान मंत्री ने संस्कृति भवन के निर्माण को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने एलडीए और जिलाधिकारी लखनऊ के साथ समन्वय स्थापित कर शहीद पथ के पास लूलू मॉल के पीछे खाली पड़ी भूमि पर संस्कृति एवं पुरातत्व भवन के निर्माण की दिशा में कार्रवाई करने को कहा। इसके साथ ही भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय के पक्ष में 45 एकड़ अतिरिक्त भूमि निःशुल्क उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए।

34 परियोजनाओं पर टेंडर के बाद तत्काल शुरू होगा काम

संस्कृति निदेशालय द्वारा यूपीपीसीएल को आवंटित 21 परियोजनाओं तथा सीएनडीएस को आवंटित 13 परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने निर्देश दिए कि इन परियोजनाओं की टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाए। उन्होंने विभिन्न जनपदों में निर्माणाधीन रामलीला की चहारदीवारियों की स्थिति की जानकारी लेते हुए कहा कि जिन चहारदीवारियों का निर्माण पूरा हो चुका है, उन्हें संबंधित रामलीला कमेटियों को नियमानुसार हैंडओवर और टेकओवर कराया जाए।

पर्यटन सुविधाओं और पोर्टल की निगरानी के लिए बनेगा सेल

पर्यटन विभाग की समीक्षा के दौरान जयवीर सिंह ने पूर्व की बैठकों में लिए गए निर्णयों के अनुपालन की स्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने साइनेज, पर्यटक सुविधा केंद्रों तथा विभाग के सभी पोर्टल के सुचारू संचालन के लिए एक अलग सेल गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 575 परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इन परियोजनाओं में शिलालेख और बारकोड की व्यवस्था का भी प्रावधान किया गया है, जिससे पर्यटकों को परियोजनाओं एवं स्थलों से संबंधित जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सके।

लापरवाह आर्किटेक्टों की जगह नए आर्किटेक्ट होंगे इम्पैनल्ड

बैठक में इम्पैनल्ड आर्किटेक्टों के कार्यों की गुणवत्ता की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि जिन आर्किटेक्टों का कार्य संतोषजनक नहीं पाया गया है, उनकी जगह नए आर्किटेक्टों को इम्पैनल्ड किया जाए। मंत्री ने कार्यदायी संस्थावार लंबित उपयोगिता प्रमाण पत्र और आर्किटेक्टों के लंबित देयकों की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन आर्किटेक्टों का कार्य संतोषजनक है, उनके भुगतान में अनावश्यक देरी न की जाए।

राही पर्यटक आवासगृहों और ब्रजतीर्थ की परियोजनाओं की भी समीक्षा

जयवीर सिंह ने राही पर्यटक आवासगृहों को प्रबंधकीय संविदा पर संचालित किए जाने की प्रगति की भी जानकारी ली। इसके अलावा उत्तर प्रदेश ब्रजतीर्थ विकास परिषद के अंतर्गत पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं की विभागवार समीक्षा की गई। परिषद के तहत 126 पूर्ण परियोजनाओं की कुल लागत 48,428.31 लाख रुपये रही, जबकि 41,941.990 लाख रुपये की 24 प्रगतिशील परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई।

केंद्र स्तर पर लंबित मामलों के लिए दिल्ली में होगी बैठक

पर्यटन मंत्री ने कहा कि भारत सरकार के स्तर पर लंबित परियोजनाओं और वित्तीय मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए नई दिल्ली में संस्कृति एवं पर्यटन मंत्रालय के अधिकारियों के साथ जल्द बैठक की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि केंद्र स्तर पर लंबित मामलों की पूरी जानकारी तैयार कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रदेश की पर्यटन एवं सांस्कृतिक परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा सके।

बैठक में अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात, निदेशक एवं विशेष सचिव पर्यटन मृदुल चौधरी, निदेशक संस्कृति राजेश कुमार सिंह, विशेष सचिव संस्कृति दीपा रंजन, एमडी आशीष कुमार, पर्यटन सलाहकार जे.पी. सिंह, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अंजू चौधरी, सहायक निदेशक रेनू रंगभारती और तुहिन द्विवेदी सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।