
पंकज चतुर्वेदी
बाराबंकी। सरयू नदी की बाढ़ और कटान से जूझ रहे रामनगर तहसील क्षेत्र के ग्रामीणों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। बाढ़ प्रभावित गांवों में जलभराव, आवागमन और कटान की समस्या से परेशान ग्रामीण अपनी शिकायतें और जरूरतें प्रशासन तक पहुंचाने के लिए अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि रामनगर की एसडीएम आकांक्षा गुप्ता से संपर्क नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, एसडीएम के सीयूजी नंबर पर कई बार फोन किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। आपदा की स्थिति में प्रशासनिक अधिकारी से तत्काल संपर्क नहीं हो पाने को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है।
बाढ़ प्रभावित गांवों में बढ़ीं दुश्वारियां
सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर और कटान के चलते रामनगर तहसील क्षेत्र के कई गांवों में ग्रामीणों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कहीं जलभराव से रास्ते प्रभावित हैं तो कहीं कटान के चलते ग्रामीणों की चिंता बढ़ी हुई है। आवागमन में दिक्कत के साथ ही ग्रामीणों को राहत और मदद की जरूरत भी बनी हुई है। ऐसी स्थिति में प्रभावित लोग प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क कर अपनी समस्याएं बताने का प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि एसडीएम से फोन पर संपर्क नहीं होने के कारण उन्हें अपनी समस्याएं बताने के लिए तहसीलदार से संपर्क करना पड़ रहा है।
आपदा के समय अधिकारियों की उपलब्धता पर उठे सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ जैसी आपदा के समय जिम्मेदार अधिकारियों से तत्काल संपर्क होना बेहद जरूरी है। किसी गांव में अचानक हालात बिगड़ने या ग्रामीणों को तत्काल राहत की आवश्यकता पड़ने पर यदि संबंधित अधिकारी फोन पर उपलब्ध न हों तो समस्या और गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों के मुताबिक, ऐसे समय में अधिकारियों से सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि मौके की स्थिति के अनुसार त्वरित मदद की उम्मीद होती है। ऐसे में सीयूजी नंबर पर संपर्क नहीं हो पाने की शिकायत ने प्रशासनिक व्यवस्था और अधिकारियों की उपलब्धता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अधिवक्ता पहले भी जता चुके हैं नाराजगी
एसडीएम की कार्यशैली को लेकर तहसील के अधिवक्ताओं की नाराजगी भी पहले सामने आ चुकी है। दो दिन पहले अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए एसडीएम के स्थानांतरण की मांग की थी। अब बाढ़ और कटान जैसी गंभीर परिस्थितियों के बीच एसडीएम के सीयूजी नंबर पर फोन नहीं उठने की ग्रामीणों की शिकायत सामने आने के बाद प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर चर्चा तेज हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों की समस्याओं और अधिकारियों की उपलब्धता को लेकर गंभीरता से कदम उठाने की जरूरत है।
ग्रामीण बोले- जरूरत के वक्त मिले तत्काल मदद
बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि इस समय उन्हें केवल अधिकारियों के आश्वासन की नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता की आवश्यकता है। उनका कहना है कि बाढ़ और कटान से प्रभावित क्षेत्रों में किसी भी समय स्थिति गंभीर हो सकती है। ऐसे में जिम्मेदार अधिकारियों का फोन पर उपलब्ध रहना बेहद जरूरी है, ताकि ग्रामीण अपनी समस्या तत्काल बता सकें और समय रहते राहत एवं बचाव की कार्रवाई हो सके। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आपदा की स्थिति को देखते हुए अधिकारियों की जवाबदेही और फोन पर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।