पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर सीट पर चुनावी मुकाबला दिलचस्प हो गया है। BJP ने उम्मीदवार उतारे, जबकि TMC के बागी गुट ने भी प्रत्याशी घोषित किए।

नई दिल्ली/अमर भारती। पश्चिम बंगाल में दो विधानसभा सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी ने रेजीनगर और नंदीग्राम सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। बीजेपी ने रेजीनगर से शाखारव सरकार और नंदीग्राम से हासिरानी रथ को मैदान में उतारा है।
नंदीग्राम से बीजेपी की उम्मीदवार हासिरानी रथ का नाम सामने आने के बाद यह सीट खास चर्चा में आ गई है। वह शुभेंदु अधिकारी के पूर्व निजी सहायक (PA) रहे चंद्रनाथ रथ की मां हैं। चंद्रनाथ रथ की मई में हत्या कर दी गई थी। ऐसे में बीजेपी के इस फैसले को राजनीतिकपश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर सीट पर चुनावी मुकाबला दिलचस्प हो गया है। BJP ने उम्मीदवार उतारे, जबकि TMC के बागी गुट ने भी प्रत्याशी घोषित किए।तौर पर भी अहम माना जा रहा है।
TMC के बागी गुट ने भी घोषित किए उम्मीदवार
पश्चिम बंगाल की इन दोनों सीटों पर मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस के बागी गुट ने सोमवार को अपने उम्मीदवारों की घोषणा की। बागी गुट ने नंदीग्राम से मोहम्मद एतेशामुल हक को टिकट दिया है, जबकि मुर्शिदाबाद की रेजीनगर सीट से सफीउद्दीन शेख को उम्मीदवार बनाया गया है। उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही दोनों सीटों पर टीएमसी के दो धड़ों के बीच सीधा राजनीतिक मुकाबला देखने को मिल सकता है। बीजेपी भी मैदान में है, जिससे चुनावी समीकरण और ज्यादा महत्वपूर्ण हो गए हैं।
2026 के विधानसभा चुनाव के बाद बदले राजनीतिक समीकरण
पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन उपचुनावों को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि 2026 के विधानसभा चुनाव में टीएमसी की हार के बाद पार्टी के भीतर विभाजन की स्थिति बनी। इसके बाद सामने आए बागी गुट के लिए यह पहला बड़ा चुनावी मुकाबला माना जा रहा है।
ऐसे में नंदीग्राम और रेजीनगर के नतीजे सिर्फ दो विधानसभा सीटों तक सीमित नहीं रहेंगे। इन चुनावों से राज्य में टीएमसी के दोनों धड़ों की राजनीतिक पकड़ और संगठनात्मक ताकत का भी अंदाजा लगाया जा सकता है। खासकर नंदीग्राम पर पूरे राज्य की नजर रहेगी, क्योंकि यह सीट लंबे समय से बंगाल की राजनीति में महत्वपूर्ण मानी जाती रही है।
कौन थे चंद्रनाथ रथ?
हासिरानी रथ के बेटे चंद्रनाथ रथ लंबे समय तक शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगियों में शामिल रहे थे। 41 वर्षीय चंद्रनाथ रथ मूल रूप से पूर्वी मेदिनीपुर जिले के चांदपुर के रहने वाले थे। चांदपुर और आसपास का क्षेत्र पश्चिम बंगाल की राजनीति में शुभेंदु अधिकारी के राजनीतिक प्रभाव के विस्तार से जुड़ा रहा है। पार्टी से जुड़े लोगों के मुताबिक चंद्रनाथ रथ शांत स्वभाव के व्यक्ति थे और सार्वजनिक चर्चाओं से आमतौर पर दूर रहते थे। इसके बावजूद वह लंबे समय तक संगठनात्मक और जमीनी गतिविधियों में सक्रिय रहे। मई में उनकी हत्या के बाद यह मामला चर्चा में आया था। अब उनकी मां को बीजेपी द्वारा नंदीग्राम से उम्मीदवार बनाए जाने के बाद यह चुनाव और ज्यादा सुर्खियों में है।
भारतीय वायुसेना में भी दी थी सेवा
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक संगठन से जुड़ने से पहले चंद्रनाथ रथ ने भारतीय वायुसेना में करीब दो दशक तक सेवा की थी। उन्होंने रहरा रामकृष्ण मिशन से शिक्षा हासिल की थी। परिवार के करीबी लोगों के मुताबिक छात्र जीवन में वह रामकृष्ण मिशन के विचारों से काफी प्रभावित थे और एक समय आध्यात्मिक जीवन अपनाने पर भी विचार किया था। बाद में उन्होंने भारतीय वायुसेना में अपना करियर बनाया और करीब दो दशक सेवा देने के बाद सक्रिय राजनीतिक संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़े।
नंदीग्राम में मुकाबला हुआ दिलचस्प
पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम में बीजेपी ने हासिरानी रथ को उम्मीदवार बनाकर चंद्रनाथ रथ की राजनीतिक विरासत और स्थानीय भावनाओं को भी चुनावी मैदान से जोड़ दिया है। दूसरी ओर टीएमसी के बागी गुट ने मोहम्मद एतेशामुल हक को उम्मीदवार बनाकर मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश की है।
वहीं रेजीनगर में बीजेपी के शाखारव सरकार और टीएमसी के बागी गुट के सफीउद्दीन शेख के बीच मुकाबला होगा। अब देखना होगा कि इन दोनों सीटों पर मतदाता किसे अपना समर्थन देते हैं और इन नतीजों का पश्चिम बंगाल की बदली हुई राजनीतिक तस्वीर पर कितना असर पड़ता है।
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