Asian Games 2026 में भारत को शूटिंग के 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में गोल्ड मिला। सुरुचि सिंह और कमलजीत ने शानदार प्रदर्शन किया।

डिजिटल डेस्क। जापान के आइची-नागोया में आयोजित Asian Games 2026 के छठे दिन भारत ने शूटिंग में गोल्ड मेडल के साथ शुरुआत की। 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में भारतीय निशानेबाज सुरुचि सिंह और कमलजीत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। यह भारत का इन खेलों में अब तक का दूसरा गोल्ड मेडल बताया गया है। इससे पहले भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने फाइनल में श्रीलंका को हराकर स्वर्ण पदक जीता था।
फाइनल में भारत का शानदार प्रदर्शन
Asian Games 2026 : सुरुचि सिंह और कमलजीत ने फाइनल में कुल 484.6 अंक हासिल किए। दोनों ने शुरुआत से ही मुकाबले में बढ़त बनाए रखी और पूरे फाइनल के दौरान अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखी। दक्षिण कोरिया की टीम ने मुकाबले के अंतिम चरण में दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन भारतीय जोड़ी ने बढ़त कायम रखते हुए 6.6 अंकों के अंतर से जीत दर्ज की।
फाइनल में दक्षिण कोरिया ने 478.0 अंक हासिल कर सिल्वर मेडल जीता, जबकि ईरान 415.8 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
फाइनल रिजल्ट:
भारत — 484.6 अंक, गोल्ड
दक्षिण कोरिया — 478.0 अंक, सिल्वर
ईरान — 415.8 अंक, ब्रॉन्ज
झज्जर की हैं सुरुचि सिंह
Asian Games 2026: सुरुचि सिंह हरियाणा के झज्जर की रहने वाली 10 मीटर एयर पिस्टल शूटर हैं। उनका जन्म 28 अप्रैल 2006 को हुआ था। परिवार की खेल पृष्ठभूमि के चलते शुरुआत में उन्हें रेसलिंग आजमाने के लिए प्रोत्साहित किया गया, लेकिन 13 साल की उम्र में उन्होंने शूटिंग शुरू की।
उन्होंने भिवानी स्थित गुरु द्रोणाचार्य शूटिंग अकादमी में कोच सुरेश सिंह के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लिया। 2025 में उन्होंने सीनियर इंटरनेशनल सर्किट पर लगातार सफलता हासिल की और ब्यूनस आयर्स, लीमा तथा म्यूनिख में तीन व्यक्तिगत ISSF वर्ल्ड कप गोल्ड मेडल जीते। लीमा वर्ल्ड कप में उन्होंने मिक्स्ड टीम इवेंट में भी गोल्ड जीता।
कमलजीत ने मुश्किलों के बीच बनाई पहचान
Asian Games 2026: हरियाणा के रेवाड़ी जिले के सुल्खा गांव के रहने वाले कमलजीत 10 मीटर एयर पिस्टल और 50 मीटर पिस्टल इवेंट में हिस्सा लेते हैं। चोट के कारण ट्रैक एंड फील्ड एथलेटिक्स छोड़ने के बाद उन्होंने 2019 में शूटिंग शुरू की।
मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाले कमलजीत को करियर की शुरुआत में आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। कोचिंग, फीस और प्रतियोगिताओं का खर्च उन्होंने खुद उठाया। इसके बावजूद परिवार का सहयोग उन्हें मिलता रहा। 2023 ISSF जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में उन्होंने 50 मीटर पिस्टल जूनियर पुरुष वर्ग में गोल्ड मेडल जीता।
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