चुनाव आयोग की बैठक में SIR पर अहम फैसले

चुनाव आयोग की बैठक: ECINET और मतदाता सूची को लेकर भी स्पष्टीकरण

SIR पर चुनाव आयोग के फैसले और ECINET समीक्षा
SIR को लेकर चुनाव आयोग की बैठक में मतदाता सूची और ECINET से जुड़े फैसले।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू तथा डॉ. विवेक जोशी के बीच शनिवार को हुई बैठक में SIR पर चुनाव आयोग के फैसले सामने आए। बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR, मतदाता सूची, Form 6 और ECINET से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। चुनाव आयोग ने बैठक के बाद प्रेस बयान जारी कर अपने फैसलों की जानकारी दी।

यह बैठक ऐसे समय हुई है जब चुनाव आयुक्तों के बीच कथित मतभेदों को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में दोनों चुनाव आयुक्तों की ओर से 10 महीनों में 14 बार आपत्ति दर्ज किए जाने का दावा किया गया था।

SIR पर चुनाव आयोग ने क्या कहा?

चुनाव आयोग के मुताबिक SIR से जुड़े फैसले आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी से लिए गए। प्रेस बयान में SIR के तहत मतदाता सूची से जुड़े विभिन्न मामलों और प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट की गई है।

SIR को लेकर सामने आई रिपोर्ट में मुख्य सवाल मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने, Form 6 में बदलाव तथा ECINET के केंद्रीकरण से जुड़े थे। चुनाव आयोग के ताजा बयान में इन मुद्दों पर अपने फैसलों और प्रक्रिया की जानकारी दी गई।

मतदाताओं के घर जाकर दस्तावेज जुटाएंगे BLO

SIR प्रक्रिया के तहत जिन मतदाताओं को नामांकन में विसंगति या अन्य कारणों से नोटिस जारी किया गया है, उनके दस्तावेज जुटाने के लिए बूथ लेवल अधिकारी यानी BLO घर जाएंगे।

चुनाव आयोग के फैसले के अनुसार ऐसे मामलों में सामान्य तौर पर मतदाताओं को ERO या AERO कार्यालय में सुनवाई के लिए बुलाने के बजाय घर पर ही दस्तावेज जुटाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

इस फैसले का संबंध उन मतदाताओं से है जिनके नाम को लेकर SIR प्रक्रिया के दौरान स्पष्टीकरण या दस्तावेज की जरूरत बताई गई है।

SIR को लेकर 14 आपत्तियों की रिपोर्ट के बाद बैठक

चुनाव आयोग की यह बैठक उस रिपोर्ट के बाद हुई जिसमें चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी की ओर से आयोग के कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर आपत्ति दर्ज किए जाने की बात कही गई थी।

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज की थी। रिपोर्ट में SIR के तहत नाम जोड़ने-हटाने, नए मतदाताओं के Form 6 में बदलाव और ECINET के केंद्रीकरण को लेकर सवाल उठाए जाने का उल्लेख था।

रिपोर्ट में गोवा का भी उदाहरण दिया गया था, जहां 97 मतदाताओं के नाम पात्र पाए जाने के बावजूद मतदाता सूची में शामिल नहीं होने का दावा किया गया था।

ECINET सिस्टम की दोबारा होगी समीक्षा

बैठक में ECINET को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। चुनाव आयोग ने सिस्टम की दोबारा समीक्षा के लिए अधिकारियों की एक समिति बनाने की बात कही है।

आयोग के अनुसार फील्ड अधिकारियों को उनके कानूनी अधिकारों के मुताबिक ECINET सिस्टम इस्तेमाल करने की सुविधा दी जाएगी। वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त की अध्यक्षता वाली समिति ECINET की समीक्षा करेगी और यह देखा जाएगा कि सिस्टम संबंधित अधिनियमों और नियमों के अनुरूप काम कर रहा है।

आयोग ने यह भी कहा कि पिछले कुछ महीनों में राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों से मिले सुझावों के आधार पर पोर्टल में कई बदलाव किए गए हैं। आगे IT मॉड्यूल और पोर्टल से जुड़ी नई पहलों पर आयोग की मंजूरी से पहले अधिकारियों की समिति में चर्चा की जाएगी।

गोवा में छूटे मतदाताओं के लिए घर-घर जाएंगे BLO

गोवा के मामले को लेकर चुनाव आयोग ने बताया कि संबंधित BLO उन मतदाताओं के घर जाकर उनसे फॉर्म जमा करेंगे, जिनके नाम मतदाता सूची में छूट गए हैं।

यह मामला उस रिपोर्ट के बाद चर्चा में आया था जिसमें गोवा में 97 मतदाताओं के नाम को लेकर सवाल उठाए गए थे। द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, गोवा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन से पहले संबंधित अधिकारियों को लेकर आयोग से संपर्क किया था।

SIR पर सियासी विवाद भी जारी

चुनाव आयोग की बैठक और उसके बाद जारी प्रेस बयान पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। कांग्रेस ने कहा कि प्रेस नोट उसके उठाए गए अहम सवालों का जवाब नहीं देता। वहीं बीजेपी ने राहुल गांधी पर चुनाव आयोग को लेकर गलतबयानी करने का आरोप लगाया।

एनडीए के सहयोगी चंद्रबाबू नायडू ने चुनाव आयोग की ओर से जारी स्पष्टीकरण को मामले से जुड़ी गलतफहमियां दूर करने वाला बताया।

इसी बीच विपक्ष की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई और इस्तीफे की मांग भी तेज हुई है। शुक्रवार को कांग्रेस समेत कई दलों ने दिल्ली सहित विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन किया था।

SIR को लेकर आयोग का पक्ष

चुनाव आयोग ने अपने बयान में SIR से जुड़े फैसलों को सर्वसम्मति से लिए जाने पर जोर दिया है। वहीं, रिपोर्ट के आधार पर उठाए गए सवालों में दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों, Form 6 में बदलाव और ECINET के केंद्रीकरण का मुद्दा प्रमुख रहा है।

चुनाव आयोग की बैठक के बाद SIR पर चुनाव आयोग के फैसले सामने आए हैं। BLO के जरिए घर-घर दस्तावेज जुटाने, ECINET की समीक्षा और गोवा में छूटे मतदाताओं से फॉर्म लेने जैसे फैसलों के साथ आयोग ने प्रक्रिया को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट किया है, जबकि इस पूरे मामले पर राजनीतिक विवाद अभी जारी है। (Expose India)

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