
लखनऊ। बदलते मौसम के बीच राजधानी लखनऊ में डेंगू के मामले बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। एक सप्ताह के भीतर डेंगू के 66 नए मामले सामने आए हैं। मंगलवार से शनिवार के बीच मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित इलाकों में सर्वेक्षण, जांच और जागरूकता अभियान तेज कर दिया है।
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार को डेंगू के दो नए मरीज मिले, जबकि बुधवार को 10 मामले सामने आए। गुरुवार को 21 नए मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई। शुक्रवार को 16 और शनिवार को 17 नए मामले दर्ज किए गए। इस तरह इन पांच दिनों में ही डेंगू के 66 मामले सामने आए।

इलाकावार आंकड़ों में इंदिरानगर सबसे आगे रहा। यहां एक सप्ताह के दौरान डेंगू के 17 मामले मिले हैं। वहीं, चंदरनगर क्षेत्र में अब तक नौ मरीज सामने आ चुके हैं। इन इलाकों में संक्रमण की रोकथाम के लिए निगरानी और लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें अलग-अलग इलाकों में सर्वेक्षण कर रही हैं। स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से लोगों की जांच की जा रही है और डेंगू से बचाव के उपाय बताए जा रहे हैं। लोगों को घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देने, कूलर की नियमित सफाई करने तथा पानी की टंकियों को ढककर रखने की सलाह दी जा रही है।
डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छर साफ पानी में पनपते हैं। ऐसे में घरों, छतों, गमलों, पुराने टायरों और अन्य बर्तनों में जमा पानी मच्छरों के प्रजनन का कारण बन सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द या अन्य लक्षण दिखने पर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। गंभीर पेट दर्द, लगातार उल्टी, रक्तस्राव या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षणों में तत्काल चिकित्सा सहायता जरूरी है।
स्वास्थ्य विभाग का जोर प्रभावित क्षेत्रों में समय पर जांच, मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म करने और जनजागरूकता बढ़ाने पर है, ताकि संक्रमण पर नियंत्रण पाया जा सके।