
लखनऊ: Lucknow में आयोजित जन आक्रोश रैली और पदयात्रा ने प्रदेश की राजनीति में नया ताप भर दिया है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने रैली के शुभारंभ से पहले कहा कि आज बहनों के नेतृत्व में निकल रहा यह आक्रोश मार्च कांग्रेस, सपा, टीएमसी और डीएमके के कथित महिला विरोधी आरक्षण के खिलाफ देशभर में पनप रहे जनाक्रोश का प्रतीक बनेगा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक राजनीतिक आयोजन नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, अधिकार और भागीदारी की आवाज है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देशभर में आमजन, विशेषकर आधी आबादी के भीतर जो आक्रोश है, वह आज लखनऊ की सड़कों पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। हजारों की संख्या में महिलाएं इस आक्रोश मार्च में शामिल होने पहुंची हैं, जिससे यह आयोजन एक बड़े शक्ति प्रदर्शन का रूप ले चुका है। उन्होंने इसे सामाजिक चेतना और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बताते हुए कहा कि महिलाएं अब हर मुद्दे पर अपनी आवाज बुलंद कर रही हैं।

यह रैली मुख्यमंत्री आवास से विधानसभा तक निकाली जा रही है। पूरे मार्ग पर व्यापक तैयारियां की गई हैं और जगह-जगह पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें विपक्षी दलों पर महिलाओं के अपमान के आरोप लगाए गए हैं। इन पोस्टरों के जरिए राजनीतिक संदेश देने की भी कोशिश की गई है, जिससे प्रदेश का सियासी माहौल और अधिक गरमा गया है।
रैली को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और रैली मार्ग पर पुलिस बल तैनात किया गया है। कई प्रमुख मार्गों पर यातायात डायवर्जन लागू किया गया है, जिससे आम जनता को असुविधा न हो और रैली सुचारू रूप से संपन्न हो सके। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त फोर्स की भी तैनाती की गई है।

भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं। रैली मार्ग पर मेडिकल कैंप लगाए गए हैं, जहां प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। पानी और छाया की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, ताकि प्रतिभागियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
कुल मिलाकर, यह जन आक्रोश मार्च केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रदेश की राजनीति में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और उनके मुद्दों को केंद्र में लाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।