आकाश इंस्टिट्यूट के छात्रों का शानदार प्रदर्शन: JEE Main 2026 में लहराया परचम, प्रांशी त्रिवेदी बनीं टॉप स्कोरर

आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड रायबरेली के छात्रों ने JEE Main 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर अपनी मजबूत शैक्षणिक तैयारी और निरंतरता का परिचय दिया है। हाल ही में घोषित JEE Main 2026 (सेशन 2) के परिणामों में आकाश इंस्टिट्यूट, रायबरेली के विद्यार्थियों ने शानदार सफलता हासिल की, जिससे संस्थान का अकादमिक स्तर और भी मजबूत साबित हुआ है।

इस परीक्षा में प्रांशी त्रिवेदी ने 99.62 परसेंटाइल और ऑल इंडिया रैंक (AIR) 6054 प्राप्त कर रायबरेली की टॉप स्कोरर बनने का गौरव हासिल किया। उनके अलावा वैष्णवी यादव ने 99.29 परसेंटाइल, संकल्प वर्मा ने 96.90 परसेंटाइल, हर्षित तिवारी ने 96.71 परसेंटाइल, माधव सिंह ने 96.41 परसेंटाइल और अनन्य बाजपेयी ने 95.44 परसेंटाइल प्राप्त कर संस्थान का नाम रोशन किया। इन सभी परिणामों ने सेंटर की मजबूत शैक्षणिक प्रणाली और गुणवत्तापूर्ण तैयारी को दर्शाया है।

देश के शीर्ष तकनीकी संस्थानों में प्रवेश का माध्यम

गौरतलब है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा आयोजित JEE Main परीक्षा देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों जैसे NITs, IIITs और अन्य केंद्रीय वित्त पोषित संस्थानों में प्रवेश का प्रमुख माध्यम है। इसके साथ ही यह परीक्षा JEE Advanced के लिए योग्यता प्रदान करती है, जिसके जरिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs) में दाखिला मिलता है।

24 छात्रों ने किया उत्कृष्ट प्रदर्शन, NTA ने 20 अप्रैल को जारी किए परिणाम

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा 20 अप्रैल 2026 को घोषित परिणामों के अनुसार, आकाश इंस्टिट्यूट, रायबरेली के कुल 24 छात्रों ने JEE Main 2026 (सेशन 2) में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। यह उपलब्धि न केवल छात्रों की मेहनत का परिणाम है, बल्कि संस्थान के प्रभावी शिक्षण मॉडल का भी प्रमाण है।

संरचित पढ़ाई और विशेषज्ञ मार्गदर्शन बना सफलता की कुंजी

इस अवसर पर आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड के रीजनल डायरेक्टर डीके मिश्रा ने कहा कि देशभर में छात्रों का प्रदर्शन उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और आकाश के मजबूत लर्निंग सिस्टम को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि सुव्यवस्थित शैक्षणिक कार्यक्रम, अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन और नियमित अभ्यास ने छात्रों को उत्कृष्ट परिणाम दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

छात्रों ने भी अपनी सफलता का श्रेय नियमित अभ्यास, कड़ी ट्रेनिंग, समय-समय पर मार्गदर्शन और निरंतर मूल्यांकन को दिया। उनके अनुसार, इन सभी पहलुओं ने उन्हें अपनी कमजोरियों को समय रहते पहचानने और उनमें सुधार करने में मदद की। एक सुव्यवस्थित पाठ्यक्रम, अनुभवी फैकल्टी और नियमित मॉक टेस्ट के माध्यम से उन्होंने अपनी तैयारी को मजबूत किया और परीक्षा के लिए खुद को पूरी तरह तैयार किया।