Air India Flight Turbulence: फुकेट-दिल्ली फ्लाइट में अचानक झटका, 10 यात्री और 2 क्रू मेंबर घायल

Air India की फुकेट से दिल्ली आ रही फ्लाइट AI2379 में टर्बुलेंस के कारण 10 यात्री और 2 क्रू सदस्य घायल हुए। जानिए क्या होता है एयर टर्बुलेंस और क्यों आता है अचानक झटका।

Air India Phuket Delhi Flight Turbulence Incident
फुकेट से दिल्ली आ रही Air India AI2379 फ्लाइट में टर्बुलेंस के बाद यात्रियों की मेडिकल जांच की गई।

नई दिल्ली/अमर भारती। एयर इंडिया की फुकेट से दिल्ली आ रही फ्लाइट AI2379 में मंगलवार को उड़ान के दौरान अचानक टर्बुलेंस की घटना सामने आई। एयरलाइन के मुताबिक, विमान को क्रूज के दौरान हवा में अशांति का सामना करना पड़ा, जिसके कारण विमान की ऊंचाई में कुछ समय के लिए बदलाव दर्ज किया गया। इस घटना में 10 यात्री और क्रू के 2 सदस्य मामूली रूप से घायल हुए। विमान में कुल 134 यात्री सवार थे।

लैंडिंग के बाद यात्रियों की हुई मेडिकल जांच

जानकारी के अनुसार, फ्लाइट AI2379 मंगलवार सुबह फुकेट से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। उड़ान के दौरान करीब दो से तीन मिनट तक विमान को अचानक टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा। बताया जा रहा है कि इसी दौरान विमान में झटके महसूस किए गए और कुछ यात्रियों को चोटें आईं। विमान सुबह करीब 11 बजे दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतरा। लैंडिंग के बाद एयर इंडिया की मेडिकल टीम ने यात्रियों और क्रू सदस्यों की जांच की। एहतियात के तौर पर 10 यात्रियों और 2 क्रू सदस्यों को एयरपोर्ट स्थित मेदांता मेडिकल सेंटर भेजा गया, जहां उनका इलाज किया गया।

एयर इंडिया ने क्या कहा?

एयर इंडिया ने बयान जारी कर कहा कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। एयरलाइन के अनुसार, घटना में किसी को गंभीर चोट नहीं आई है। एयर इंडिया के प्रवक्ता ने बताया कि प्रभावित यात्रियों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई गई और संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर मामले की जांच की जा रही है। एयरलाइन की टीम और मेडिकल स्टाफ ने यात्रियों की स्थिति पर लगातार नजर रखी।

टर्बुलेंस के कारणों की जांच जारी

एयर इंडिया की तकनीकी टीम और संबंधित अधिकारी इस घटना के कारणों की जांच कर रहे हैं। अभी तक टर्बुलेंस की सटीक वजह सामने नहीं आई है। विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, उड़ान के दौरान टर्बुलेंस एक सामान्य लेकिन कभी-कभी खतरनाक स्थिति बन सकती है। पायलट मौसम संबंधी जानकारी और एयर ट्रैफिक कंट्रोल से मिलने वाले इनपुट के आधार पर ऐसी परिस्थितियों से निपटते हैं।

क्या होता है एयर टर्बुलेंस?

एयर टर्बुलेंस यानी हवा में अचानक होने वाली हलचल या अस्थिरता, जिसके कारण विमान को झटके महसूस हो सकते हैं। इसे आसान भाषा में समझें तो यह वैसा ही है जैसे सड़क पर गाड़ी चलते समय अचानक गड्ढे में जाने से झटका लगता है। अंतर सिर्फ इतना है कि विमान हवा में होता है और यहां झटका हवा के दबाव और प्रवाह में बदलाव के कारण आता है।

टर्बुलेंस के प्रमुख कारण

1. खराब मौसम और तूफानी बादल

गरज-चमक वाले बादलों या तूफानी मौसम के दौरान हवा का दबाव तेजी से बदल सकता है, जिससे विमान को झटके लग सकते हैं।

2. अलग-अलग गति वाली हवाओं का टकराव

जब अलग-अलग दिशाओं या गति से चलने वाली हवाएं आपस में मिलती हैं, तो एयर टर्बुलेंस पैदा हो सकता है।

3. पहाड़ी क्षेत्रों में हवा का बदलाव

पहाड़ों के ऊपर से गुजरते समय हवा ऊपर-नीचे लहरों की तरह बह सकती है, जिससे विमान प्रभावित हो सकता है।

4. क्लियर एयर टर्बुलेंस (CAT)

क्लियर एयर टर्बुलेंस को सबसे चुनौतीपूर्ण माना जाता है क्योंकि यह साफ आसमान में भी अचानक आ सकता है। इसमें बादल या खराब मौसम के संकेत नहीं होते, इसलिए इसे पहले से पहचानना मुश्किल हो सकता है।

यात्रियों के लिए जरूरी सावधानियां

विमान विशेषज्ञों के अनुसार, टर्बुलेंस के दौरान यात्रियों को हमेशा सीट बेल्ट बांधकर रखनी चाहिए। सीट बेल्ट अचानक आने वाले झटकों के दौरान चोट के जोखिम को कम करती है।

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