रिपोर्ट : पंकज चतुर्वेदी

बाराबंकी। दरियाबाद कोतवाली क्षेत्र के गुलचप्पा कलां (अलियाबाद) गांव में गुरुवार सुबह स्कूल जा रहे पांच मासूम बच्चों पर अचानक एक जर्जर ईंट की दीवार भरभराकर गिर गई। इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के भाई-बहन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे गांव में कोहराम मच गया।
मृतकों की पहचान गांव निवासी मुस्लिम के सात वर्षीय पुत्र हुजैफा और 14 वर्षीय पुत्री हाजरा बानो के रूप में हुई है। वहीं सलमान का आठ वर्षीय पुत्र हस्सान, चार वर्षीय पुत्री हानिया और अब्दुल मन्नान का 14 वर्षीय पुत्र मोहम्मद अदनान गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों ने तत्काल मलबा हटाकर सभी बच्चों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने हुजैफा और हाजरा बानो को मृत घोषित कर दिया, जबकि अन्य तीन बच्चों का उपचार जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दीवार गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़ पड़े। बच्चों की चीख-पुकार के बीच ग्रामीणों ने राहत कार्य शुरू किया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए।
ग्रामीणों का आरोप है कि हादसे वाली दीवार कई वर्षों से जर्जर थी। लगातार हो रही बारिश के कारण उसकी हालत और खराब हो गई थी। कई बार दीवार के मालिक को इसे हटाने या मरम्मत कराने के लिए कहा गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जर्जर दीवार को हटाया जाता तो दो मासूमों की जान बच सकती थी।
क्षेत्राधिकारी सौरभ श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों बच्चों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। यदि जांच में किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एक ही परिवार के दो बच्चों की मौत से पूरे गांव में शोक की लहर है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि ग्रामीणों में प्रशासन और जिम्मेदार लोगों के प्रति नाराजगी है। यह हादसा एक बार फिर जर्जर भवनों और दीवारों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।