नेपाल में मूसलाधार बारिश से उफान पर कोसी, सहरसा में तबाही: 200 फीट सड़क नदी में समाई, दर्जनों गांवों का संपर्क टूटा

नेपाल में भारी बारिश से कोसी नदी उफान पर है। सहरसा में 200 फीट सड़क बह गई, 12 से अधिक घर नदी में समा गए और कई गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट गया।

कोसी नदी के कटाव से सहरसा में बिरजाइन-महुआ चाही सड़क का हिस्सा नदी में समाया
कोसी नदी के तेज कटाव से सहरसा के नवहट्टा प्रखंड में 200 फीट सड़क बह गई।

नई दिल्ली/अमर भारती। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर अब बिहार के सीमावर्ती जिलों में साफ दिखाई देने लगा है। कोसी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड सहित कई निचले इलाकों में बाढ़ और कटाव की स्थिति गंभीर हो गई है। नदी के तेज बहाव ने पूर्वी कोसी तटबंध के भीतर स्थित बिरजाइन-महुआ चाही सड़क के करीब 200 फीट हिस्से को अपने आगोश में ले लिया है। इससे दर्जनों गांवों का संपर्क प्रखंड और जिला मुख्यालय से पूरी तरह टूट गया है।

बिरजाइन-महुआ चाही सड़क बनी कटाव की शिकार

स्थानीय लोगों के अनुसार नवहट्टा प्रखंड की बिरजाइन-महुआ चाही सड़क इलाके की लाइफलाइन मानी जाती है। इसी सड़क के माध्यम से दर्जनों पंचायतों के लोग जिला मुख्यालय और अन्य प्रमुख बाजारों तक पहुंचते हैं। लेकिन बिरजाइन वार्ड संख्या-1 के पास कोसी नदी के तेज कटाव ने सड़क का बड़ा हिस्सा बहा दिया। सड़क टूटने से लोगों का आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है और ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही कटाव रोकने के लिए सुरक्षात्मक कार्य नहीं कराया गया, तो पूरी सड़क नदी में समा सकती है। इससे क्षेत्र की स्थिति और अधिक गंभीर हो जाएगी।

वीरपुर बराज से 1.86 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया

नेपाल में लगातार बारिश के कारण सुपौल जिले के वीरपुर बराज पर कोसी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। अधिकारियों के अनुसार बराज से लगभग 1 लाख 86 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। भारी जलप्रवाह के कारण सहरसा और सुपौल के कई निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैलने लगा है। सरायगढ़-भपटियाही और नवहट्टा प्रखंड के आधा दर्जन से अधिक गांवों में पानी प्रवेश कर चुका है। कई ग्रामीण संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए हैं, जिससे लोगों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।

12 से अधिक घर कोसी में समाए

कोसी नदी की मुख्य धारा सत्तौर पंचायत के बिरजाइन गांव में तेजी से कटाव कर रही है। कटाव की चपेट में आकर अब तक 12 से अधिक लोगों के आशियाने नदी में समा चुके हैं। कई परिवारों ने अपने घर छोड़ दिए हैं और सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी का कटाव लगातार बढ़ रहा है, जिससे आसपास के कई अन्य घरों पर भी खतरा मंडरा रहा है।

इन गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह टूटा

बिरजाइन-महुआ चाही सड़क के क्षतिग्रस्त होने से कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय, प्रखंड मुख्यालय और बलुआहा पुल मुख्य मार्ग से टूट गया है। प्रभावित गांवों में शामिल हैं—

  • महुआ चाही
  • गोविंदपुर चाही
  • शीतली
  • रामनगर
  • शाहपुर चाही
  • भेलाही
  • कोयला
  • बरुआही
  • सत्तौर
  • रसलपुर
  • गढ़िया
  • परताहा
  • तितली

इन गांवों के लोगों को अब आवागमन, चिकित्सा सुविधा, शिक्षा और आवश्यक सामान की आपूर्ति में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

प्रशासन पर लापरवाही का आरोप

कटाव प्रभावित ग्रामीण बिलास यादव, अमर यादव, ढलाई सदा, उपेंद्र सदा, मोहित सदा और रजनीश कुमार ने बताया कि पिछले दो दिनों से लगातार कटाव जारी है। लोग अपनी जान-माल बचाने के लिए घरों का सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार सूचना देने के बावजूद स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे हैं। लोगों ने तत्काल कटावरोधी कार्य शुरू कराने और प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है।

बढ़ सकती है परेशानी

मौसम विभाग द्वारा नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में अभी और बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में कोसी नदी का जलस्तर और बढ़ सकता है। यदि समय रहते बचाव और राहत कार्य तेज नहीं किए गए, तो सहरसा और आसपास के निचले इलाकों में बाढ़ और कटाव की स्थिति और गंभीर हो सकती है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है, जबकि प्रभावित ग्रामीण तत्काल राहत और सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं।

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