
बाराबंकी।जनपद न्यायालय में तैनात जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव और अपर जिला जज कृष्ण चंद्र सिंह की पुत्री कृष्णप्रिया सिंह ने अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर इतिहास रच दिया है। नेपाल के पोखरा में 27 से 29 जून तक आयोजित 8वें एशिया कप ओपन इंटरनेशनल ताइक्वांडो चैम्पियनशिप-2025 में उन्होंने स्वर्ण और रजत पदक जीतकर न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे बाराबंकी जिले का नाम रोशन किया है।

कौन हैं एशिया कप में नाम कमाने वाली कृष्णाप्रिया सिंह
कृष्णप्रिया सिंह न केवल पढ़ाई में होनहार हैं, बल्कि ताइक्वांडो जैसे कठिन कौशल में भी खुद को सिद्ध कर चुकी हैं। अपनी इस बड़ी सफलता का श्रेय उन्होंने अपनी मां डॉ. सुमन सिंह, पिता जज कृष्ण चंद्र सिंह और अपने दिवंगत कोच विजेंद्र धानुक को दिया। कोच को याद करते हुए वे भावुक हो गईं और कहा कि यह दुःखद है कि आज उनकी इस उपलब्धि को देखने के लिए उनके कोच जीवित नहीं हैं।

गौरतलब है कि कोच विजेंद्र धानुक की हाल ही में एक हादसे में मृत्यु हो गई थी। वे बाराबंकी में ताइक्वांडो को बढ़ावा देने में एक प्रेरक शक्ति रहे।
जिले के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने कृष्णप्रिया की इस जीत पर बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे जिले के लिए गर्व की बात है और युवाओं के लिए प्रेरणा भी।
पिता जज कृष्ण चंद्र सिंह ने कहा कि इससे बड़ा गर्व और क्या हो सकता है कि एक पिता को अपनी बेटी की उपलब्धि पर सबकी शुभकामनाएं मिल रही हों। बेटी के लौटने पर उन्होंने और उनकी पत्नी ने मिठाई खिलाकर उसका स्वागत किया।

अल्लू अर्जुन की फैन और किरण बेदी को अपना आदर्श मानने वाली कृष्णप्रिया भविष्य में आईपीएस बनकर देश सेवा करना चाहती हैं। उनका मानना है कि आज के दौर में आत्मरक्षा जैसी विधाएं सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि दूसरों की मदद के लिए भी जरूरी हैं।
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