पक्के तालाब पर रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों का दहन, विजयदशमी पर बुराई पर अच्छाई की जीत

रामनगर की ऐतिहासिक रामलीला में हुआ रावण वध, आज भरत मिलाप और राजगद्दी का आयोजन

रामनगर, बाराबंकी। कस्बे के पक्के तालाब परिसर में रामनगर स्टेट की राजमाता मृणालिनी सिंह के संरक्षण में आयोजित प्राचीन रामलीला में मंगलवार को रावण वध के साथ विजयदशमी का पर्व मनाया गया। इस दौरान रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों का दहन किया गया। भगवान श्रीराम की विजय के साथ पूरा परिसर जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा।

रामलीला के छठे दिन सेतुबंध रामेश्वरम स्थापना के बाद अंगद-रावण संवाद, मेघनाथ-लक्ष्मण युद्ध और कुंभकरण वध सहित विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया गया। सोमवार को सीता खोज, सुग्रीव मित्रता, अशोक वाटिका में हनुमान-सीता संवाद और लंका दहन की लीलाएं दिखाई गईं। 16 अक्टूबर को मुकुट पूजा के साथ शुरू हुई रामलीला में स्थानीय कलाकारों ने शानदार अभिनय से दर्शकों का मन मोह लिया।

रामलीला में राकेश त्रिपाठी, साकेत त्रिपाठी, ओंकारनाथ त्रिवेदी, गिरिजा शंकर तिवारी, गिरिजा शंकर मिश्रा, सत्यम तिवारी, उत्तम तिवारी, अच्युतम तिवारी सहित अन्य कलाकारों ने भूमिका निभाई। आयोजन में पूर्व चेयरमैन बद्री विशाल त्रिपाठी, विश्वनाथ शुक्ला, सुभाष अवस्थी, अनूप पांडेय, पंकज चतुर्वेदी, मुंशी महेश पांडेय, रविकांत मिश्रा, प्रमोद मिश्रा और मनीष तिवारी सहित रामलीला से जुड़े कार्यकर्ता व बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे।

आज होगा भरत मिलाप और राजगद्दी

रामलीला से जुड़े पंडित गिरिजा शंकर मिश्रा ने बताया कि दशमी तिथि को ध्यान में रखते हुए रावण वध मंगलवार को कराया गया। बुधवार को थाने के नीचे भरत मिलाप और अंदर बाजार स्थित धनुष यज्ञ मैदान में राजगद्दी का आयोजन किया जाएगा।