
बाराबंकी। सुबेहा थाना क्षेत्र के शरीफाबाद गांव में तेंदुए की दहशत लगातार बढ़ती जा रही है। मंगलवार देर शाम पूर्व माध्यमिक विद्यालय शरीफाबाद के पीछे जंगल के किनारे एक तेंदुए ने नीलगाय के बच्चे पर हमला कर उसे अपना शिकार बना लिया। नीलगाय के बच्चे की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो झाड़ियों में तेंदुआ दिखाई दिया। ग्रामीणों की भीड़ बढ़ने पर तेंदुआ शिकार छोड़कर जंगल की ओर भाग निकला।
घटना के बाद से शरीफाबाद सहित आसपास के गांवों में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले करीब 40 दिनों से इलाके में तेंदुए की मौजूदगी की आशंका बनी हुई है और कई बार पालतू पशुओं पर भी हमले हो चुके हैं।
खेतों में मिले तेंदुए के पंजों के निशान
घटना के बाद ग्रामीणों ने मौके का निरीक्षण किया। जमीन पर बड़े आकार के पंजों के निशान दिखाई दिए। ग्रामीणों ने खेतों में मिले पंजों के निशानों की तस्वीरें भी ली हैं। उनका कहना है कि इलाके में घूम रहा जानवर सामान्य कुत्ता या सियार नहीं हो सकता। ग्रामीणों का दावा है कि कई बार जंगल और खेतों के आसपास बड़े जंगली जानवर को देखा गया है।
40 दिन से शाम होते ही घरों में कैद हो रहे लोग
ग्रामीणों के मुताबिक करीब 40 दिनों से क्षेत्र में तेंदुए की दहशत बनी हुई है। इससे पहले भी बछड़ों और बकरियों पर हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। शाम ढलते ही लोग घरों से निकलने से बच रहे हैं। खासकर महिलाएं और बच्चे अकेले बाहर जाने से डर रहे हैं।
जंगली क्षेत्र के आसपास रहने वाले पशुपालकों की परेशानी भी बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए के डर से वे अपने मवेशियों को जंगल की तरफ चराने के लिए नहीं ले जा पा रहे हैं।
वन विभाग ने लगाया पिंजरा, अब तक नहीं पकड़ा गया तेंदुआ
ग्रामीणों की शिकायत के बाद वन विभाग की टीम ने इलाके में निगरानी बढ़ाई है। शरीफाबाद गांव के बाहर एक बोर्ड के पास पिंजरा लगाया गया है। तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे में बकरी भी बांधी गई है, ताकि उसे आकर्षित किया जा सके।
हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि करीब 40 दिन से तेंदुए की दहशत के बावजूद अभी तक उसे पकड़ा नहीं जा सका है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग अभियान तेज कर तेंदुए को जल्द पकड़े और आबादी वाले क्षेत्र से दूर सुरक्षित स्थान पर ले जाए।
ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि तेंदुआ जल्द नहीं पकड़ा गया तो किसी दिन इंसान पर भी हमला हो सकता है। लोगों ने वन विभाग और प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए आबादी वाले क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और तेंदुए को पकड़ने के लिए प्रभावी अभियान चलाने की मांग की है।
नोट: तेंदुए की मौजूदगी और पंजों के निशानों की पुष्टि वन विभाग की ओर से आधिकारिक रूप से किए जाने की जानकारी उपलब्ध नहीं है। ग्रामीणों के दावों के आधार पर इलाके में तेंदुए की आशंका जताई जा रही है।