
लखनऊ। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में 21-22 अप्रैल को ‘विश्व पृथ्वी दिवस’ के अवसर पर भूविज्ञान विभाग और सतत् विकास लक्ष्य समिति के संयुक्त तत्वावधान में द्विदिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसी क्रम में 21 अप्रैल को पृथ्वी दिवस की पूर्व संध्या पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। यह सभी कार्यक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल के संरक्षण और भूविज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. नरेंद्र कुमार और सतत् विकास लक्ष्य समिति के अध्यक्ष प्रो. नवीन कुमार अरोड़ा के मार्गदर्शन में संपन्न हुए।
पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर
कार्यक्रम समन्वयक एवं भूविज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. नरेंद्र कुमार ने बताया कि इन प्रतियोगिताओं का मुख्य उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक पर्यावरण संरक्षण का संदेश पहुंचाना और व्यापक जागरूकता फैलाना है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित होती है और वे अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे प्रयासों के जरिए पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित होते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की पहल विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में अग्रसर करती है, जिससे वे भविष्य में स्वच्छ, सुरक्षित और संतुलित पर्यावरण के निर्माण में अपनी भूमिका निभा सकें।

200 से अधिक विद्यार्थियों ने लिया सक्रिय भाग
सतत् विकास लक्ष्य समिति के अध्यक्ष प्रो. नवीन कुमार अरोड़ा ने जानकारी दी कि इस अवसर पर कुल छह रचनात्मक और ज्ञानवर्धक प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया गया, जिनमें 200 से अधिक विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी की। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धात्मक भावना के साथ-साथ पर्यावरणीय मुद्दों, सतत विकास और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के महत्व को समझने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने इसे विद्यार्थियों को जागरूक, जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
विभिन्न विषयों पर आयोजित हुईं रचनात्मक प्रतियोगिताएं
कार्यक्रम के अंतर्गत ‘सतत विकास लक्ष्य: सतत भविष्य में युवाओं की भूमिका’ विषय पर पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसके अलावा ‘हम जिस पृथ्वी के हकदार हैं, उसके लिए एक दृष्टि’ विषय पर रंगोली, ‘हमारी पृथ्वी: आशा बनाम कार्रवाई’ विषय पर भाषण और ‘विभिन्न दृष्टिकोणों से पर्यावरण: चुनौतियाँ और समाधान’ विषय पर इको-रील चैलेंज प्रतियोगिता भी आयोजित हुई। साथ ही ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ विषय पर काव्य पाठ तथा ‘सतत विकास लक्ष्य’ विषय पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। वहीं विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर 22 अप्रैल को विश्वविद्यालय में एकदिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन भी किया जाएगा। इस दौरान सभी प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा।
