Indian Captain Arrested: रूस-ब्रिटेन तनाव बढ़ा, इंग्लिश चैनल में रूसी युद्धपोत की चेतावनी फायरिंग

भारतीय कप्तान अजय पंत को हिरासत में लेने के बाद रूस ने कड़ा रुख अपनाया, इंग्लिश चैनल में रूसी नौसेना की गतिविधियां बढ़ने से यूरोप में सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं

भारतीय कप्तान अजय पंत गिरफ्तारी के बाद इंग्लिश चैनल में गश्त करता रूसी युद्धपोत, रूस-ब्रिटेन तनाव बढ़ा।
भारतीय कप्तान अजय पंत गिरफ्तारी के बाद रूस और ब्रिटेन के बीच तनाव बढ़ा, इंग्लिश चैनल में रूसी युद्धपोत ने चेतावनी फायरिंग की।

लंदन। भारतीय कप्तान अजय पंत गिरफ्तारी का मामला अब केवल एक कानूनी कार्रवाई तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह रूस और ब्रिटेन के बीच बढ़ते तनाव का कारण बनता जा रहा है। ब्रिटेन द्वारा रूस के कथित ‘शैडो फ्लीट’ से जुड़े तेल टैंकर के भारतीय कप्तान अजय पंत को हिरासत में लेने के बाद रूस ने कड़ा रुख अपनाया है। इसी बीच इंग्लिश चैनल में रूसी नौसेना की गतिविधियां बढ़ने से यूरोप में सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं।

इंग्लिश चैनल में रूसी युद्धपोत की चेतावनी फायरिंग

भारतीय कप्तान अजय पंत गिरफ्तारी के बाद सामने आई सबसे बड़ी घटना इंग्लिश चैनल में रूसी युद्धपोत एडमिरल ग्रिगोरोविच की चेतावनी फायरिंग है। रूस के रक्षा मंत्रालय के अनुसार ब्रिटिश झंडे वाले ब्राइट फ्यूचर नामक यॉट ने युद्धपोत के बेहद करीब पहुंचकर संभावित टक्कर का खतरा पैदा कर दिया था।

रूसी नौसेना का दावा है कि कई बार रेडियो संदेश भेजने के बावजूद यॉट की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद पहले सिग्नल फ्लेयर छोड़े गए और फिर चेतावनी के तौर पर गोलियां दागी गईं। रूस का कहना है कि यह कदम सुरक्षा कारणों से उठाया गया था।

ब्रिटेन ने भी घटना की पुष्टि की

भारतीय कप्तान अजय पंत गिरफ्तारी से जुड़े तनाव के बीच ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने भी इस घटना की पुष्टि की है। हालांकि ब्रिटेन का कहना है कि रूसी युद्धपोत द्वारा चलाई गई गोलियां यॉट को निशाना बनाकर नहीं दागी गई थीं। ब्रिटिश अधिकारियों के मुताबिक यह केवल एक चेतावनी कार्रवाई थी, जिसका उद्देश्य समुद्री टक्कर को रोकना था।

ब्रिटेन की नौसेना का गश्ती जहाज HMS Mersey पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए था। इस घटना के बाद समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय नौवहन नियमों को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।

कैसे हुई भारतीय कप्तान अजय पंत गिरफ्तारी?

भारतीय कप्तान अजय पंत गिरफ्तारी उस समय हुई जब ब्रिटेन की एजेंसियों ने इंग्लिश चैनल में रूस से जुड़े तेल टैंकर MV Smirtos को रोक लिया। बताया गया कि रॉयल मरीन कमांडो ने हेलीकॉप्टर की मदद से जहाज पर उतरकर करीब छह घंटे तक ऑपरेशन चलाया और जहाज को अपने नियंत्रण में ले लिया।

इसके बाद जहाज के 38 वर्षीय भारतीय कप्तान अजय पंत को गिरफ्तार कर लिया गया। ब्रिटेन की नेशनल क्राइम एजेंसी (NCA) ने उन पर रूस से जुड़े प्रतिबंधित तेल के परिवहन और ब्रिटिश प्रतिबंधों के उल्लंघन का आरोप लगाया है।

जांच में जुटीं एजेंसियां, भारत ने मांगी कांसुलर पहुंच

भारतीय कप्तान अजय पंत गिरफ्तारी के बाद भारत सरकार भी सक्रिय हो गई है। ब्रिटेन में भारतीय उच्चायोग ने अजय पंत तक कांसुलर पहुंच उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं जहाज पर मौजूद 24 चालक दल के सदस्य अभी भी जांच एजेंसियों के संपर्क में हैं।

अधिकारियों के अनुसार चालक दल में भारतीय और जॉर्जियाई नागरिक शामिल हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि जहाज का संचालन किस नेटवर्क के तहत किया जा रहा था।

शैडो फ्लीट पर बढ़ी वैश्विक सख्ती

विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय कप्तान अजय पंत गिरफ्तारी का मामला रूस के कथित ‘शैडो फ्लीट’ के खिलाफ पश्चिमी देशों की कार्रवाई से जुड़ा हुआ है। यूक्रेन युद्ध के बाद अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय देशों ने रूस के तेल निर्यात पर कई प्रतिबंध लगाए हैं।

पश्चिमी देशों का आरोप है कि रूस इन प्रतिबंधों से बचने के लिए पुराने तेल टैंकरों के एक नेटवर्क का उपयोग करता है, जिसे ‘शैडो फ्लीट’ कहा जाता है। ब्रिटेन हाल के महीनों में ऐसे 20 से अधिक जहाजों पर नए प्रतिबंध लगा चुका है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ सकती है कूटनीतिक चुनौती

भारतीय कप्तान अजय पंत गिरफ्तारी और उसके बाद इंग्लिश चैनल में हुई सैन्य गतिविधियों ने इस पूरे मामले को अंतरराष्ट्रीय महत्व का बना दिया है। रूस और ब्रिटेन के बीच बढ़ता तनाव आने वाले दिनों में कूटनीतिक स्तर पर नई चुनौतियां पैदा कर सकता है। वहीं भारत भी अपने नागरिक के मामले पर करीबी नजर बनाए हुए है।

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